सुरक्षा टेस्ट में प्रयागराज-फतेहपुर रूट पर पटरी-पुल और सिग्नलिंग व्यवस्था पास, पश्चिम मध्य रेलवे के विशेषज्ञों ने की वृहद जांच
पश्चिम मध्य रेलवे के विशेषज्ञों ने प्रयागराज-फतेहपुर रेल खंड पर व्यापक सुरक्षा जांच की, जिसमें पटरी, पुल और सिग्नलिंग व्यवस्था ...और पढ़ें

प्रयागराज-फतेहपुर रेल खंड पर सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए सुरक्षा आडिट करते रेल अधिकारी। सौ. पीआरओ
HighLights
पटरियों की हुई नाप जोख, गेटमैनों से हुए सवाल
ट्रेन यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए सुरक्षा जांच
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ट्रेन में सवार यात्रियों को सुरक्षित और निश्चिंत गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने प्रयागराज से फतेहपुर के बीच एक बड़ा सुरक्षा जांच अभियान चलाया। पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के विशेषज्ञों की स्पेशल टीम ने पूरे रूट का जायजा लिया, ताकि पटरियों से लेकर सिग्नल तक हर व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। पटरियों व मोड़ों की नापजोख करने उतरी टीम ने भरवारी के पास मोड़ (कर्व-12) और पटरियों के प्वाइंट्स जांचे गए।
पटरियों का गैप मिलीमीटर में नापा गया, ताकि तेज रफ्तार में भी ट्रेन न डिगमिगाए और सफर आरामदायक रहे। गेटमैन का 'सरप्राइज टेस्ट' हुआ। भरवारी के एलसी-13ए फाटक पर कार्यरत स्टाफ से अचानक आपात स्थिति के सवाल पूछे गए। गेटमैन से तुरंत लाल झंडी और इमरजेंसी सिग्नल लगवाकर देखे गए, ताकि कोई हादसा न हो।
पुलों की मजबूती परखने के लिए टीम सिराथू-अथसराय के बीच लोहे के गर्डर वाले मेजर ब्रिज नंबर 109 पहुंची। यहां एक-एक नट-बोल्ट और पिलर को परखा गया, जिससे भारी से भारी ट्रेन भी बिना किसी खतरे के गुजर सके। फतेहपुर में ट्रेन कंट्रोल करने वाले 'रिले रूम' के रिकार्ड्स खंगाले गए, ताकि सिग्नल फेल न हों और गाड़ियां लेट होने से बचें। टीम 13 अगस्त को प्रयागराज स्टेशन पर एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और रनिंग रूम (ड्राइवरों के आराम करने की जगह) का जायजा लेगी।
उद्देश्य है ड्राइवर तरोताजा रहेंगे और ट्रेनें दुरुस्त, तो आपका सफर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस दौरान प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी डब्ल्यूसीआर मनोज गुरुमुखी के साथ राजेश दत्त बाजपेयी, प्रदीप कुमार, आशीष के. कुलहाड़ा, माही पाल सिंह, सुरेंद्र यादव, एम.एम. वारिस, यूसी शुक्ला आदि मौजूद रहे।
