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प्रयागराज में मखाना की खेती होगी, बिहार से तौर-तरीके सीखकर किसान यहां उगाएंगे सूखा मेवा; बढ़ाएंगे आय

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 09 Jul 2026 12:53 PM (IST)

प्रयागराज में अब किसान धान और गेहूं के बजाय मखाने की खेती करेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उद्यान ...और पढ़ें

मखाना की खेती।

मखाना की खेती।

HighLights

  1. 28 हेक्टेयर में संगम नगरी के 100 किसान करेंगे खेती

  2. प्रति हेक्टेयर उद्यान विभाग देगा 71,600 रुपये का अनुदान

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में खेती का तौर तरीका बदल रहा है। धान और गेहूं तक सीमित रहे किसानों का रुझान नगदी फसलों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। सब्जियों की खेती के साथ अब सूखे मेवे में सबसे ज्यादा बिकने वाले मखाना भी उगाएंगे। पहली बार इसकी खेती यहां होने जा रही है।

शासन से निर्धारित हुआ लक्ष्य

उद्यान विभाग की ओर से जिले में 28 हेक्टेयर क्षेत्रफल से मखाने की खेती की शुरुआत कराई जाएगी। इसके लिए शासन से लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। गंगापार व यमुनापार के 100 किसानों को इससे जोड़ा जाएगा। इसके लिए अभी से आवेदन आने लगे हैं।

सिंघाड़े की तरह पानी में होगी मखाने की खेती 

जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि सिंघाड़े की तरह की ही पानी में ही मखाने की खेती भी होती है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में मखाना लगाने पर करीब 1.80 लाख रुपये की लागत आती है। दिसंबर से इसकी बोआई शुरू होती है। बोआई के करीब नौ महीने बाद पहली बार फसल टूटती है। फिर दो महीने बाद दोबारा उपज निकलती है।

किसान कर रहे आवेदन 

उद्यान विभाग की ओर से प्रति हेक्टेयर 71,600 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान क्षेत्रफल के हिसाब से होगा। किसानों के पास दो विकल्प होंगे। पहला वह विभाग से बीज ले लें या बीज बाजार से खरीदकर विभाग से अनुदान ले ले। किसानों के आवेदन आने लगे हैं। 

प्रशिक्षण को बिहार के भागलपुर जाएंगे किसान

मखाने की खेती का अभी जिले में किसानों को अनुभव नहीं है। उद्यान विभाग किसानों काे प्रशिक्षण भी दिलाएगा। अनुदान योजना के तहत आवेदन करने वाले 100 किसानों को 50-50 के समूह में बिहार के भागलपुर भेजा जाएगा। यह किसान वहां से मखाने की खेती का तौर तरीका सीखकर आएंगे।

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