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प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: शराबी पिता ने बेटे की हत्या की, चाकू मारा और सीमेंट के डंबल से सीने पर किए कई प्रहार

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 22 Sep 2026 07:03 PM (IST)

प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र में एक शराबी पिता ने अपने 18 वर्षीय बेटे की चाकू और सीमेंट के डंबल ...और पढ़ें

प्रयागराज के करछना में इसी चाकू और डंबर से पिता ने पुत्र की हत्या की। जागरण

प्रयागराज के करछना में इसी चाकू और डंबर से पिता ने पुत्र की हत्या की। जागरण

HighLights

  1. शराब के नशे में पहुंचा था घर, वारदात के बाद फरार

  2. यमुनापार के करछना थाना क्षेत्र के कैथी गांव की घटना

संसू, जागरण, करछना (प्रयागराज)। जनपद के यमुनापार स्थित करछना थाना क्षेत्र में बड़ी वारदात हुई, रिश्तों का कत्ल हुआ। एक शराबी व्यक्ति ने अपने ही सगे बेटे की हत्या कर दी। चाकू और सीमेंट के डंबल से सीने पर कई प्रहार किए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया।

करछना थाना क्षेत्र के कैथी गांव में मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे शराब के नशे में घर पहुंचे रघुनंदन द्विवेदी ने अपने सबसे बड़े बेटे 18 वर्षीय अभिषेक द्विवेदी को किसी बात को लेकर चाकू मार दिया। इतने में उसने जिम करने वाले सीमेंट के डंबल से उसके सीने पर कई वार कर दिया और मौके से भाग गया। पुलिस ने उसे गांव से कुछ दूर स्थित बगीचे से गिरफ्तार कर लिया।

घरवाले लहूलुहान हाल में अभिषेक को लेकर नजदीक के अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसी बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है। 

कैथी गांव निवासी अभिषेक द्विवेदी पुत्र रघुनंदन द्विवेदी अपने दादा कृष्ण अवतार द्विवेदी के साथ रहता था। वह गांव स्थित इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था। करछना स्थित जिम सेंटर में प्रतिदिन जाता था। घरवालों के अनुसार मंगलवार दोपहर रघुनंदन शराब के नशे में घर पहुंचा। किसी बात को लेकर बेटे से विवाद हो गया। आरोप है कि उसने घर में रखा चाकू अभिषेक को मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद जिम में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट के डंबल से उसके सीने पर कई वार कर दिए और मौके से भाग गया।

नशे की लत से परिवार परेशान

कृष्णा अवतार द्विवेदी ने बताया कि रघुनंदन की शराब की लत और मारपीट से पूरा परिवार परेशान रहता था। कई बार पुलिस से शिकायत भी की गई, लेकिन उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। इसी वर्ष जनवरी में उसे मामा-भांजा स्थित नशामुक्ति केंद्र में तीन महीने के लिए भर्ती कराया गया था। मार्च में वापस आने के बाद वह फिर शराब के नशे में रहने लगा।

नशे के कारोबार पर उठे सवाल

घटना के बाद क्षेत्र में अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। मृतक के दादा का आरोप है कि गांव में तैयार होने वाली कच्ची शराब आसानी से उपलब्ध हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कच्ची शराब के साथ गांजा और स्मैक की बिक्री की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि नशे के अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। कभी-कभार छोटे कारोबारियों को पकड़कर कार्रवाई की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही कारोबार शुरू हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई होती तो युवाओं और परिवारों को इसके दुष्परिणामों से बचाया जा सकता था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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