पेपर लीक प्रदर्शन के बीच प्रयागराज में वाहनों में तोड़फोड़ मामला, अराजकतत्वों पर शिकंजा; पुलिस ने दर्ज की दो FIR
प्रयागराज में 25 जुलाई को पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान दो कारों में तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात पर ...और पढ़ें

प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित होटल के पास पूर्व सांसद की तोड़ी गई कार। सौ : स्थानीय नागरिक
HighLights
पूर्व सांसद के बेटे और भाजपा नेता ने दर्ज कराया मुकदमा
अराजकतत्वों की पहचान को सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सिविल लाइंस में पेपर लीक के विरोध में 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान दो जगहों पर वाहनों में हुई तोड़फोड़ मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पहला मुकदमा बांदा के पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी के पुत्र रोहित द्विवेदी की तहरीर पर लिखी गई है, जबकि दूसरी एफआइआर भाजपा नेता प्रशांत पाठक की शिकायत पर दर्ज हुई है। पुलिस ने वाहन में तोड़फोड़, हत्या की कोशिश आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
25 जुलाई को सिविल लाइंस में प्रदर्शन हुआ था
पेपर लीक मामले में 25 जुलाई की दोपहर पत्थर गिरजाघर स्थित धरनास्थल पर प्रदर्शन किया जा रहा था। देखते-देखते बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए। सुभाष चौराहे तक प्रदर्शन होने लगा। बांदा के पूर्व सांसद रमेश चंद्र द्विवेदी के पुत्र रोहित द्विवेदी ने सिविल लाइंस पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि इसी दिन दोपहर होटल मिलन पैलेस के पास उनकी कार को अज्ञात अराजकतत्वों ने घेर लिया।
चालक की जा सकती थी जान
बताया कि जब तक चालक कुछ समझ पाता, कार पर ईंट-पत्थर चलने लगे। चालक ने फोन कर सूचना दी कि उस पर जानलेवा हमला कर दिया गया है। आनन-फानन वह घटनास्थल पर पहुंचे तो कार क्षतिग्रस्त थी। पुलिस को बताया कि अगर चालक समय रहते वहां से न भागता तो उसकी जान जा सकती थी।
कार के शीशे तोड़े, लैपटॉप लूटे
वहीं, मप्र के रीवा जिले के चाकघाट निवासी भाजपा नेता प्रशांत पाठक ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उनकी कार में पार्टी का झंडा लगा है। 25 जुलाई की दोपहर चालक कार लेकर सुभाष चौराहे के पास आया था। उसी समय अज्ञात लोगों ने भाजपा वाले जिंदा नहीं जाएंगे जैसे नारे लगाते हुए वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। शीशे तोड़ने के साथ ही उसमें रखा लैपटाप लूट लिया। आरोप लगाया कि उन्हें कार से बाहर निकाल कर जान से मारने की भी कोशिश की गई। हालांकि चालक ने तेजी से वाहन को आगे निकाल लिया, जिससे उनकी जान बच गई।
अराजकतत्वों की पुलिस कर रही पहचान
सिविल लाइंस पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में तहरीर के आधार पर एफआइआर लिखी गई है। घटनास्थल व उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है।
