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बढ़ती नमी से बिगड़ रही प्रयागराज की हवा, खराब श्रेणी में AQI पहुंचा 157; गर्मी और उमस भी कर रही परेशान

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 04 Jun 2026 12:36 PM (IST)

प्रयागराज में बढ़ती गर्मी और उमस के साथ वायु प्रदूषण भी चिंता बढ़ा रहा है, जहां 31 मई से AQI ...और पढ़ें

प्रयागराज में धूलकणों व प्रदूषण गैसों से वायु प्रदूषण बढ़ गया है।

प्रयागराज में धूलकणों व प्रदूषण गैसों से वायु प्रदूषण बढ़ गया है।

HighLights

  1. धूलकणों व प्रदूषण गैसों से वायु प्रदूषण भी लोगों की बढ़ा रही चिंता

  2. 31 मई के बाद से लगातार शहर का एक्यूआइ 100 से ऊपर बना

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गर्मी और उमस के साथ अब वायु प्रदूषण भी लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। हवा में नमी बढ़ने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। चार जून की सुबह प्रयागराज का एक्यूआइ 157 दर्ज किया गया, जो खराब वायु गुणवत्ता को दर्शाता है। हालांकि दोपहर में तेज धूप निकलने के बाद इसमें कुछ सुधार हुआ और एक्यूआइ घटकर 100 के आसपास पहुंच गया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह राहत अस्थायी है।

हवा की गुणवत्ता प्रभावित कर रहे धूलकण 

वायु गुणवत्ता के आंकड़ों के अनुसार 31 मई के बाद से लगातार शहर का एक्यूआइ 100 से ऊपर बना हुआ है। यह स्थिति दर्शाती है कि वातावरण में मौजूद धूलकण, प्रदूषक गैसें और नमी मिलकर हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।

वायु की गुणवत्ता क्यों होती है प्रभावित?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में बढ़ी आर्द्रता के कारण प्रदूषक कण जमीन से ऊपर की परतों में फंस जाते हैं, जिससे उनका फैलाव कम हो जाता है और वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। आज सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 64 प्रतिशत रही, जो सामान्य से अधिक मानी जा रही है। इसी कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी बढ़ने से धूल और सूक्ष्म कण अधिक समय तक वातावरण में बने रहते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है। आगामी दिनों में भी राहत की कोई बड़ी संभावना नहीं है।

सात जून को बारिश के आसार

सात जून तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा एक-दो स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। आठ और नौ जून को आसमान मुख्यतः साफ रहने तथा तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का पूर्वानुमान है।

बारिश के बाद एक्यूआइ में होगा सुधार 

मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्री-मानसून परिस्थितियों में नमी और गर्मी के संयुक्त प्रभाव से वायु प्रदूषण की समस्या बनी रह सकती है। जब तक मानसून सक्रिय होकर नियमित और व्यापक वर्षा नहीं कराता, तब तक प्रदूषक कण वातावरण में बने रहेंगे। मानसून की अच्छी बारिश ही हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक तत्वों को साफ कर सकती है, जिससे एक्यूआइ में सुधार होगा।