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प्रयागराज में 4 कत्ल की कहानी, अभियुक्त की जुबानी : बहन के सिर पर किया पहला वार, मां के मुंह से निकली थी...

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 04 Jun 2026 06:22 PM (IST)

प्रयागराज में हुए चार लोगों के हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसमें आरोपी सनी गुप्ता ने अपने दोस्त अभिषेक के ...और पढ़ें

प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपित सनी गुप्ता। जागरण

प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपित सनी गुप्ता। जागरण

HighLights

  1. अभिषेक ने राड, सनी ने डंडे से किया था ताबड़तोड़ प्रहार

  2. झगड़े के कारण गुस्से में था बेटा, मारते वक्त नहीं कांपे हाथ

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शराब के नशे, लालच से भरे हत्यारोपित सनी गुप्ता ने अपने दोस्त के शर्मनाक कृत्य में पहले साथ दिया फिर उसी साथी से दगाबाजी करते हुए मौत के घाट उतार दिया। साउथ मलाका में एक ही परिवार के चार लोगों के हत्याकांड के अभियुक्त सनी ने कत्ल की कहानी, अपनी जुबान से बताई तो पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। वारदात को अंजाम देने के बाद उसका आत्मविश्वास इतना मजबूत था कि सिलसिलेवार पूरी घटना बयां की। पिता से झगड़े के कारण वह इतने गुस्से में था कि मारते वक्त हाथ नहीं कांपे।

पिता से चिढ़ा था अभिषेक

पुलिस की नजर में कातिल सनी ने बेझिझक बोला-‘रविवार दोपहर अभिषेक वैश्य झल्लाया हुआ था। वह अपने पिता वीरेंद्र से चिढ़ा हुआ था, क्योंकि उसे अक्सर डांटते-फटकारते रहते थे। अभिषेक खर्च बहुत करता था, लेकिन कमाई नहीं होती थी। वह कई लड़कियों से लगातार मोबाइल पर बातचीत करता रहता था। समय याद नहीं है, लेकिन दोपहर करीब ढाई-तीन बजे अभिषेक ने कॉल किया। कहा कि भूख लगी है, संदीप के यहां से कचौड़ी और सिगरेट ले आओ। मकैनिक वाले के यहां से राड भी लेते आना, कुछ काम है।

अभिषेक बोला- मां-बाप व बहन को मारना चाहता है

थोड़ी बाद सनी बीयर सहित अन्य सामान लेकर पहुंचा तो अभिषेक किसी लड़की से बात कर रहा था। कुछ लोग मिलने के लिए आने वाले थे, जिसे मना कर दिया। बताया कि गेट पर ताला बंद करने को लेकर अपनी बहन को खरीखोटी सुनाई है। पैसे की दिक्कत, कर्ज अदा करने और दूसरी जरूरत को लेकर बात करता रहा। एकाएक उसने कहा कि वह अपने मां, बाप, बहन को मारना चाहता है आज ही। अगर साथ दो तो जेवरात का आधा हिस्सा मिलेगा।

अभिषेक ने मां-बाप व बहन की सनी संग ऐसे की हत्या 

शाम पांच बजे के बाद जब बहन मीनाक्षी के नीचे आने की आहट हुई तो अभिषेक राड लेकर ऊपर चला गया। पीछे से सनी भी गया। अभिषेक ने बहन मीनाक्षी को देखते ही उसके सिर पर पहला वार किया। घायल होते ही उसने हाथ-पैर पकड़ लिया तो कई बार हमला किया, जिससे मर गई। तब घसीटकर उसे ऊपर ले जाया गया, लेकिन इस दौरान कपड़ा फट गया। कमरे में पहुंचते ही बेड पर लेटे पिता के सिर पर मारा। मां-चीखते हुए बोली, यह क्या किया...? तब तक मां के सिर पर भी लोहे की राड से हमला किया। डंडे से हमला करके उसने भी साथी का साथ दिया। 

आलमारी से जेवरात निकाले, कागजात पानी टंकी में फेंका

मां-बाप की मौत होने पर चाबी से आलमारी खोलकर जेवरात निकाले। दूसरी आलमारी से भी गहने लिए। जमीन संबंधी कागजात, फाइल, मोबाइल, लैपटाप, लगा कपड़ा अभिषेक ने पानी की टंकी में डाली और फिर जेवरात लेकर दोनों लोग नीचे आए। यहां अभिषेक ने सोने का एक हार, पांच चूड़ी थी। आधा हिस्सा मांगा तो झगड़ा करने लगा। वह शरीर में मजबूत था, लेकिन लंबाई में कम। पहले उसके सिर पर राड मारा, फिर हाथ बांधकर कांच के टुकड़े से हमला किया। मारपीट में उसे भी चोट लगी। शव को दुकान में डालकर डिटजेंट, टायलेट क्लीनर डालकर ताला लगा दिया।’ 

15-15 मिनट के भीतर हुआ चारों का कत्ल

सनी ने अपने बयान में कहा कि व्यापारी, उनकी पत्नी, बेटी को मारकर सामान निकालने में करीब 50 मिनट का समय लगा था। अभिषेक हत्या के बाद उसी कमरे में रखा डिटर्जेंट पाउडर, तेल समेत अन्य सामान फेंक दिया था। नीचे आने के बाद जब बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ तो भी अभिषेक को भी 15 मिनट के भीतर मौत के घाट उतारा था। झगड़े के दौरान उसने कई बार लात मारी थी, तब उसका हाथ बांध दिया था। ऐसा न करता तो वह मार नहीं पाता। 

जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, उसका क्या होगा...

पूछताछ में अभियुक्त सनी ने यह भी कहा झगड़े से पहले वह अभिषेक के बारे में यही सोच रहा था कि जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ, वह उसका क्या होगा। जेवरात ले जाने के बाद उसे बाहर मरवा सकता है। हत्या के तुरंत बाद ही उसका मन बदल गया था। एक किलो सोना में से सौ ग्राम भी नहीं दे रहा था। इससे पहले उसने हत्या कारित करने के लिए उकसाया था। उसे लगा कि करीब दो करोड़ जेवरात लेकर वह भी धनवान हो जाएगा। वारदात को अंजाम देने के बाद वह गलियों में घूमते हुए पैदल अपने घर पहुंचा था। उसकी बाइक घटनास्थल वाले घर के बाहर ही खड़ी थी।

कई घंटे तक खोजता रहा चैनल की चाबी

अभिषेक को मौत के घाट उतारने के बाद सनी गुप्ता मकान के भीतर फंस गया। उसके बाहर निकलने के लिए मुख्य गेट के चैनल पर लगे ताली की चाबी नहीं मिल रही थी। कई घंटे तक वह चाबी खोजता रहा। इसी बीच अभिषेक के शव के नीचे चाबी का गुच्छा मिला तो राहत की सांस ली। उसे डर सता रहा था कि अगर बाहर नहीं निकला तो सुबह दुकान खुलने पर उसकी सच्चाई पता चल जाएगी। जिस दुकान में अभिषेक की लाश छिपाकर ताला बंद किया था, उसकी चाबी लैब वाली दुकान के पास रखा था। उसे कोतवाली ने पुलिस अभियुक्त की निशानदेही पर बरामद किया।

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