एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत की खबर, सिलिंडर की ऑनलाइन बुकिंग न होने पर ऑफलाइन ऐसे करें
प्रयागराज के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। अब ऑनलाइन बुकिंग में दिक्कत होने पर गैस एजेंसी से ऑफलाइन बुकिंग ...और पढ़ें

प्रयागराज में सिविल लाइन पत्थर गिरिजा घर के निकट गैस सिलिंडर लेने वालों की लगी लाइन। जागरण
HighLights
कोई वितरक यह सुविधा नहीं देता तो कंट्रोल रूम को काल कर सकते हैं
डीएम ने कहा- 25 दिन की अवधि पूरी होने पर ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा
गैस बुकिंग के दो या तीन दिन बाद सिलिंडर की डिलेवरी दी जा सकती है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत वाली सूचना है। पेट्रोलियम मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन गैस बुक नहीं हो पा रही है तो गैस एजेंसी पर ऑफलाइन बुकिंग करा सकते हैं। एजेंसियों पर यह सुविधा दी जा रही है। बुकिंग के दो-तीन दिन बाद डिलेवरी दी जा सकती है। कोई वितरक यह सुविधा नहीं देता तो कंट्रोल रूम को काल कर सकते हैं।
कंट्रोल रूम के नंबर
8299632748, 7388036037, 8853522200, 8026271301
आइओसीएल का धीरे चल रहा सर्वर
आइओसीएल का सर्वर धीरे चल रहा है, जिससे उपभोक्ता ऑनलाइन गैस सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए ऑफलाइन सुविधा दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी ने केवाईसी अपडेट नहीं की है तो 300 रुपये की सब्सिडी खाते में नहीं पहुंचेगी। हर नौवें सिलिंडर पर यह प्रक्रिया करनी होती है।
केवाईसी घर बैठे आप करा सकते हैं
केवाईसी घर बैठे भी कर सकते हैं। कंपनी के एप पर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। अपने एलपीजी हाकर के माध्यम या अपने एलपीजी एजेंसी पर जाकर भी बायोमीट्रिक आधार केवाईसी अपडेट करा सकते हैं। 31 मार्च से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही लाभार्थी को अगले वित्तीय वर्ष में सब्सिडी के साथ सिलिंडर मिल पाएगा। एक वर्ष के अंतराल पर लाभार्थी सत्यापन नहीं करता है तो रिफिल के लिए रोकी गई सब्सिडी स्थायी रूप से समाप्त कर दी जाएगी।
गैस की कमी नहीं है : डीएम
डीएम मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि गैस की कमी नहीं है, जिन उपभोक्ताओं की 25 दिन की अवधि पूरी हो गई है, उनके लिए ऑफलाइन बुकिंग की सुविधा है। दो-तीन में डिलीवरी दी जा रही है। जमाखोरी अथवा कालाबाजारी न होने पाए, इसके लिए अफसरों की टीमें लगा दी गई हैं।
कालाबाजारी रोकने को क्यूआरटी गठित
जनपद में एलपीजी गैस की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के साथ कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है। जिले की सभी 144 गैस एजेंसियों और उनके गोदामों की निगरानी के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नोडल बनाया गया है, जबकि आपूर्ति व्यवस्था पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्यूआरटी (क्विक रेस्पांस टीम) का गठन किया गया है।
इनको बनाया गया नोडल अधिकारी
पश्चिम एशिया में अशांति के कारण गैस आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश-2026 के तहत व्यवस्था लागू की है। इसके तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक गैस की उपलब्धता व वितरण प्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार गैस एजेंसियों की निगरानी के लिए नगर निकाय, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, खेल विभाग, परिवहन विभाग, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, राजस्व विभाग, कार्यक्रम विभाग, लोक निर्माण विभाग और कृषि विभाग समेत कई विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
गैस स्टाक, वितरण व आपूर्ति की स्थिति जांचेंगे अधिकारी
ये अधिकारी एजेंसियों का निरीक्षण कर गैस स्टाक, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को आपूर्ति की स्थिति की जांच करेंगे। प्रशासन ने इसके पहले आपूर्ति विभाग तथा विभिन्न तेल कंपनियों के 22 अधिकारियों की तीन टीमें गठित की थीं, जिन्हें शहर, यमुनापार और गंगापार क्षेत्र में लगाया गया है। टीम में शामिल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि होटल-रेस्टोरेंट, ढाबा, गैस एजेंसियों के गोदामों पर छापेमारी करें, जिसकी फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
