जागरण फिल्म फेस्टिवल: सिनेमा के सार्थक स्वरूप से जुड़े प्रयागराज के उत्साही दर्शक, हर फिल्म ने अमिट छाप छोड़ी
प्रयागराज में जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) का तीन दिवसीय आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में शुरू हुआ, जहाँ दर्शकों ने सार्थक सिनेमा से जुड़कर हर फिल्म की अमिट छाप महसूस की।

जागरण फिल्म फेस्टिवल का शुक्रवार को प्रयागराज के मुट्ठीगंज स्थित स्टार वर्ल्ड सिनेमा आडी-2 में उद्घाटन करते मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. व विशिष्ट अतिथि सीपी पीयूष मोर्डिया। जागरण
HighLights
तीन दिवसीय जेएफएफ का प्रयागराज में शानदार आगाज
समाज में अच्छा प्रभाव डालता है जेएफएफ : मोर्डिया
फिल्में व्यक्ति के जीवन का हिस्सा : डॉ. लोकेश
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्साह, उल्लास और उमंग भरे माहौल में जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) का शानदार आगाज हुआ। मनोरंजन के महाकुंभ में उत्सुक दर्शकों की भीड़ जुटी। रील से रियल लाइफ निकट हो गयी। सिनेमा के सार्थक स्वरूप से जुड़कर लोग प्रफुल्लित हो गए। हर फिल्म ने दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ी। उसे देखकर दर्शकों ने भावनाओं के सागर में गोता लगाकर सिनेमा के विविध स्वरूप से खुद को जोड़ा।
पहले दिन इन फिल्मों ने दर्शकों को लुभाया
दुनिया के सबसे बड़े घुमंतू सिनेमा जेएफएफ के तीन दिवसीय 14वें संस्करण का शुक्रवार की शाम मुट्ठीगंज स्थित स्टार वर्ल्ड सिनेमा आडी-2 में मुख्य अतिथि पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया, विशिष्ट अतिथि मंडलायुक्त डॉ.. लोकेश एम., निर्देशक मयूर पुरी. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मीडिया अध्ययन केंद्र के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय चोपड़ा, डाॅ. रवि सूर्यवंशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। शुभारंभ के साथ मनोरंजन का दौर शुरू हो गया। पहले दिन ''लास्ट एंड फाउंड इन कुंभ, बिध दो चार तीन, पानपंख, आइ डोंट नो व्हाट टू डू, द थ्रिफ्ट स्टोर ड्रेस फिल्म का प्रदर्शन हुआ। हर फिल्म को दर्शकों ने पसंद किया।

'फिल्में गुरु की तरह होती हैं'
मुख्य अतिथि ने कहा, फिल्में गुरु की तरह होती हैं, जो हमें सपने देखना और उसे पाने के लिए कुछ अलग करने को प्रेरित करती हैं, क्योंकि उसके पात्रों को हर व्यक्ति स्वयं में जीता है। नकारात्मकता से हमें सबक मिलता है वहीं, सकारात्मकता से प्रेरणा। यह दिलों को जोड़ने का काम भी करतीं हैं। जेएफएफ में सिनेमा के विविध स्वरूपों से लोग खुद को जोड़ने में सफल होते हैं। इसमें दिखाई जाने वाली फिल्में समाज में अच्छा प्रभाव डालती हैं।
'हर कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए'
विशिष्ट अतिथि ने कहा, फिल्में व्यक्ति के जीवन का हिस्सा हैं। समाज में घटित होने वाली घटनाओं को पर्दा पर लाना चुनौतीपूर्ण होता है। इस काम को करना अत्यंत कठिन होता है, लेकिन हम किसी भी फिल्म को देखकर बहुत जल्दी आलोचना शुरू कर देते हैं ऐसा नहीं होना चाहिए। हर कलाकार को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने युवाओं को रील पर अधिक समय व्यतीत न करने को प्रेरित किया। बल्कि इंटरनेट मीडिया के माध्यमों का सार्थक प्रयोग करने का सुझाव दिया।
'कोई ट्रेंड चलने पर उसके पीछे नहीं भागना चाहिए'
कहा, कोई ट्रेंड चलने पर उसके पीछे नहीं भागना चाहिए, क्योंकि उसका सार्थक प्रभाव नहीं आता। जेएफएफ का हर आयोजन समाज को सिनेमा से जोड़ता है। जो अत्यंत प्रेरणादायी है। दैनिक जागरण के यूनिट हेड मनीष चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संपादकीय प्रभारी श्याम मिश्र ने जेएफएफ के सफर पर प्रकाश डाला। संचालन दैनिक जागरण के ब्रांड प्रबंधक दिव्यानंद पांडेय व माधव द्विवेदी ने किया।
