कट जा रहा पैसा, बुक नहीं हो पा रहा टिकट; त्योहारों से पहले IRCTC के सिस्टम ने बढ़ाई यात्रियों की मुसीबत
त्योहारी सीजन में IRCTC के सर्वर में खराबी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है, जहां पैसे कटने ...और पढ़ें

IRCTC की तकनीकी खामी से त्योहारों पर यात्रियों की मुसीबत बढ़ा दी है।
HighLights
सर्वर की खामियों के कारण खाते से पैसे तुरंत कट रहे पर टिकट जनरेट नहीं हो रहा
सात और आठ सितंबर के भीतर ही ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। त्योहारी सीजन शुरू होते ही ट्रेनों में कन्फर्म सीट पाने की होड़ मची है, लेकिन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) का सिस्टम यात्रियों के पसीने छुड़ा रहा है। त्योहारों पर घर जाने की आस में लोग सुबह से मोबाइल ऐप और वेबसाइट खोलकर बैठ रहे हैं, मगर हाथ लग रही है तो सिर्फ निराशा और आर्थिक चपत।
सर्वर की खामी बनी यात्रियों की समस्या
सर्वर की खामियों के चलते खाते से पैसे तो तुरंत कट रहे हैं, लेकिन टिकट जनरेट नहीं हो पा रहा। रिफंड के फेर में फंसी अपनी ही गाढ़ी कमाई को वापस पाने के लिए अब यात्री रेलवे और आईआरसीटीसी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। अकेले 7 और 8 सितंबर के भीतर ही ऐसे एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण टिकट तो नहीं मिला, पर बैंक खाते खाली हो गए।
दो बार कटे पैसे, तीसरी बार में बनी बात
यात्री आचार्य भुवन की परेशानी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। उन्होंने त्योहार पर यात्रा के लिए आईआरसीटीसी ऐप से टिकट बुक करने का प्रयास किया। दो बार प्रक्रिया पूरी की और दोनों ही बार खाते से पूरी रकम कट गई, लेकिन स्क्रीन पर टिकट बुकिंग फेल का संदेश आ गया। मजबूरन उन्होंने तीसरी बार प्रयास किया, तब जाकर टिकट बुक हुआ। अब स्थिति यह है कि यात्रा का एक टिकट तो मिल गया, लेकिन पहले कटी दोनों टिकटों की भारी-भरकम राशि बैंकिंग और आईआरसीटीसी के सिस्टम में फंस गई है।
संघमित्रा एक्सप्रेस में फंसा कन्हैया का टिकट
कन्हैया गुप्ता ने संघमित्रा एक्सप्रेस में अपनी यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। भुगतान सफल होने का बैंक मैसेज आया, लेकिन आईआरसीटीसी के पोर्टल पर टिकट बुक नहीं हुआ। त्योहार के समय अचानक जेब से पैसे कट जाने और सीट भी न मिलने से परेशान कन्हैया ने अब रेलवे से अपना रिफंड जल्द से जल्द दिलाने की गुहार लगाई है।
दर्जनों यात्रियों की एक जैसी व्यथा
यह समस्या किसी एक ट्रेन या रूट तक सीमित नहीं है। यात्रियों की लंबी सूची आईआरसीटीसी की ऑनलाइन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आकाश और प्रकाश रेड्डी ने बताया कि पेमेंट गेटवे से ओटीपी डालते ही खाते से बैलेंस कट गया, पर पोर्टल पर एरर आ गया। घंटों बीत जाने के बाद भी रिफंड की कोई जानकारी नहीं मिली। अश्विनी वर्मा और दिव्य ज्योति चक्रवर्ती के साथ भी यही धोखा हुआ। त्योहार की भीड़ को देखते हुए तत्काल और सामान्य कोटे में टिकट की कोशिश की, मगर बुकिंग फेल होते ही हजारों रुपये अटक गए। कुंतल शाह और विरेंद्र कुशवाहा ने भी अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि भुगतान कटने के बावजूद पीएनआर जनरेट नहीं हुआ। न तो टिकट हाथ लगा और न ही खाते में पैसे तुरंत वापस आए।
त्योहारी सीजन में खाली हो रही जेब
सामान्य दिनों में आईआरसीटीसी का रिफंड 3 से 5 कार्यदिवसों में आने का दावा किया जाता है, लेकिन त्योहारी सीजन में यह देरी यात्रियों पर भारी पड़ रही है। जेब से पैसे कट जाने के कारण यात्री दोबारा तुरंत टिकट बुक करने की स्थिति में भी नहीं बचते। यात्रियों का कहना है कि जब त्योहारों पर लोड बढ़ना तय था, तो रेलवे ने सर्वर और पेमेंट गेटवे की क्षमता को दुरुस्त क्यों नहीं किया। बिना टिकट यात्रा रद होने और पैसे अटकने से यात्रियों में भारी रोष है।
