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चेन खींचने के बाद अब तुरंत नहीं चलेगी ट्रेन, धुआं और आग पर रोक लगाने के लिए रेलवे का सख्त निर्देश

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 28 Sep 2026 11:05 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में ब्रेक बाइंडिंग, चिंगारी और धुएं की घटनाओं को रोकने के लिए देशव्यापी नए सुरक्षा निर्देश ...और पढ़ें

ट्रेन में धुआं और आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने नया नियम लागू किया है।

ट्रेन में धुआं और आग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने नया नियम लागू किया है।

HighLights

  1. तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हुई नई व्यवस्था

  2. एनसीआर समेत सभी जोन भेजेंगे अनुपालन रिपोर्ट

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। चलती ट्रेनों के कई कोच में अचानक पहिए जाम होने (ब्रेक बाइंडिंग), उनसे तेज चिंगारी व धुआं निकलने और यात्रियों में मचने वाली अफरा-तफरी को अब जमीनी स्तर पर रोका जाएगा। रेलवे बोर्ड ने अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर समेत सभी जोन को चालकों और रखरखाव कर्मियों के लिए देशव्यापी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

सिग्नल होते ही लोको पॉयलट रवाना कर देते थे ट्रेन

पहले किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन खींचने (एसीपी) या स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद सिग्नल होते ही लोको पॉयलट बहुत कम समय में ट्रेन को रवाना कर देते थे। कई बार हवा का दबाव पूरी तरह सामान्य हुए बिना और ब्रेक पूरी तरह खुले (रिलीज) बिना ही ट्रेन आगे बढ़ जाती थी। इसके अलावा, रास्ते में पहियों के जाम होने के शुरुआती लक्षण मिलने के बावजूद चालक बीच रास्ते रुकने के बजाय ट्रेन को अगले स्टेशन तक खींचने का प्रयास करते थे। इससे पहियों और ब्रेक ब्लाक की तेज रगड़ से अत्यधिक गर्मी पैदा होती थी और धुआं या आग भड़क उठती थी।

लोको पॉयलट ट्रेन रोककर जांच करेंगे 

अब चेन खींचने या स्टेशन पर रुकने के बाद लोको पॉयलट को पर्याप्त समय तक इंतजार करना होगा ताकि हर डिब्बे का ब्रेक पूरी तरह खुल जाए। यदि इंजन के लोड मीटर में उतार-चढ़ाव दिखे, इंजन पर जरूरत से ज्यादा जोर पड़े या रफ्तार अचानक धीमी होने लगे, तो चालक ट्रेन को तत्काल रोककर जांच करेंगे ताकि धुआं या आग लगने की नौबत ही न आए।

इंजन का एयर ड्रायर हमेशा चालू रखना होगा

रेलवे बोर्ड के कार्यपालक निदेशक (विद्युत इंजीनियरिंग) वी. वेंकटसुब्रमण्यम के अनुसार अब पाइप लाइन में नमी रोकने के लिए इंजन का एयर ड्रायर हमेशा चालू रखना होगा और इंजन बदलते समय वाल्व से पूरा प्रेशर खाली करना अनिवार्य होगा। डिपो में एलएचबी डिब्बों के ब्रेक प्रेशर की मानक जांच होगी, जिससे यात्रियों का सफर पूरी तरह सुरक्षित और समयबद्ध बन सके। इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी सभी जोन से मांगी गई है।