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आइआइआइटी इलाहाबाद में बीटेक आइटी के साथ ही मिलेगी एमबीए की भी डिग्री, पांच वर्षीय होगा कोर्स

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 06 Apr 2026 06:39 PM (GMT+05:30)

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) इलाहाबाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री प्रोग्राम शुरू करेगा। इन प्रोग्राम्स में ...और पढ़ें

आइआइआइटी इलाहाबाद की फाइल फोटो।

आइआइआइटी इलाहाबाद की फाइल फोटो। 

HighLights

  1. पांच वर्षीय तीन नए ड्यूल डिग्री कोर्स में 2026-27 से शुरू होगा प्रवेश

  2. सीनेट की पिछली बैठक में सीट वितरण को मंजूरी, पाठ्यक्रम पर लगेगी मुहर

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान आइआइआइटी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन नए ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इससे छात्रों को एक ही प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से बीटेक के साथ एमटेक और एमबीए जैसी उच्च डिग्रियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।

नए पाठ्यक्रम इसी सत्र से होंगे शुरू 

नए पाठ्यक्रमों में तीन प्रमुख पांच वर्षीय ड्यूल डिग्री कोर्स शामिल हैं। इसमें बीटेक-एमटेक (ईसीई), बीटेक-एमटेक (आइटी) और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए पाठ्यक्रम शामिल हैं। यह तीनों पाठ्यक्रम इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे।

3 पाठ्यक्रमों सहित 58 सीटें होंगी 

तीन पाठ्यक्रमों को मिलाकर कुल 58 सीटें होंगी। बीटेक-एमटेक (ईसीई) में 11, बीटेक-एमटेक (आइटी) में 25 और बीटेक (आइटी-बिजनेस इनफार्मेटिक्स)-एमबीए में 22 सीटों पर सीनेट की मंजूरी मिल चुकी है। अप्रैल के मध्य में प्रस्तावित सीनेट की 37वीं मीटिंग में पाठ्यक्रमों को औपचारिकता मंजूरी मिल जाएगी। इन नए कोर्सों के शुरू होने से संस्थान की कुल प्रवेश क्षमता में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

ऐसे छात्रों के लिए विशेष लाभकारी 

सीटों का पुनर्वितरण इस तरह किया गया है कि कुल इंटेक पूर्ववत बना रहे। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह उन छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हाेगा, जो तकनीकी शिक्षा के साथ उच्च विशेषज्ञता या प्रबंधन शिक्षा को एकीकृत रूप में प्राप्त करना चाहते हैं। 

नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार हुआ पाठ्यक्रम

इन कार्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप डिजाइन किया गया है। सीनेट की आगामी बैठक में इन नए कोर्सों के लिए नया पाठ्यक्रम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में प्रस्ताव को अनुमति मिलने के साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की घोषणा कर दी जाएगी। आइआइआइटी प्रशासन के अनुसार यह पहल छात्रों को उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। विशेष रूप से बीटेक-एमबीए कार्यक्रम तकनीकी और प्रबंधकीय कौशल का अनूठा संयोजन प्रदान करेगा, जिससे कारपोरेट और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

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