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    अधूरी परियोजना: चार साल बाद भी गंगा एक्सप्रेस-वे अधूरा, कब फर्राटा भरेंगे वाहन

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 10:52 AM (IST)

    प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य अभी अधूरा है, जिसका लोगों को बेसब्री से इंतजार है। 12 जिलों से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, पर अभी काफी काम बाकी है। यूपीडा का दावा है कि कार्य समय पर पूरा हो जाएगा, जिससे प्रयागराज और मेरठ के बीच की दूरी 6 घंटे में तय की जा सकेगी और 300 गांवों की तस्वीर बदलेगी।

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    अधूरी परियोजना....गंगा एक्सप्रेस-वे। जागरण

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रयागराज से मेरठ तक बन रहे 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहन कब से फर्राटा भरेंगे, इसका लोग अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों और 518 गांवों से होकर यह एक्सप्रेस-वे गुजरेगा। प्रदेश की प्रगति के मार्ग के रूप में बनाए जा रहे इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा होना था मगर अभी इसका काफी कार्य बाकी है। इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार का सृजन भी होगा।

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    प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयागराज के जूडापुर दांदू गांव से मेरठ तक गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य 18 दिसंबर 2021 को शुरू हुआ था। इस परियोजना का तेजी से कार्य शुरू कराया गया। मुख्य सड़क का कार्य लगभग पूरा हो गया है मगर प्रयागराज और प्रतापगढ़ जनपद में अभी एप्रोच मार्ग से लेकर फिनिशिंग का कार्य नहीं पूरा हो सका है। रेलिंग से लेकर बोर्ड, साइनेज की पेंटिंग अभी शुरू ही हुई है।

    यही नहीं कई स्थानों रैंप टोल प्लाजा का भी काम पूरी नहीं हो सका है। परियोजना के निर्माण में जुटी कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों का दावा है कि निर्धारित समय पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने से प्रयागराज से मेरठ तक 594 किमी की दूरी अब केवल छह घंटे में तय की जा सकेगी।

    वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज तक सड़क से यात्रा करने में 10 से 12 घंटे या उससे अधिक का समय लगता है। इसके बनने से राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ को पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से जोड़ने का काम करेगा। इसका निर्माण 36,230 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

    यह छह-लेन (जिसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है) का एक अत्याधुनिक एक्सेस-नियंत्रित एक्सप्रेसवे होगा, जो मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, और प्रयागराज तक बन रहा है।

    यह भी पढ़ें- प्रयागराज में सिक्स लेन पुल पर रखा गया 200 टन भार का का सेगमेंट, गंगा नदी पर बन रहा 10 किमी लंबा ब्रिज



    300 गांवों की चमकेगी किस्मत, बनेंगे औद्योगिक कॉरिडोर
    प्रयागराज और प्रतापगढ़ के बीच 56 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से क्षेत्र के 300 गांवों की तस्वीर बदलने वाली है। यह एक्सप्रेस-वे सोरांव के जूड़ापुर दांदू गांव से एनएच-19 से जुड़ते हुए प्रतापगढ़ तक जाएगा। इसका लाभ किनारे बसे 300 गावों के हजारों लोगों को मिलेगा। इसके दोनों किनारों पर औद्योगिक कारिडोर विकसित होगा। कृषि, वाणिज्य, पर्यटन और उद्योगों में भी तेजी आएगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, मंडियां और दुग्ध उद्योग भी यहां स्थापित किए जाएंगे। लाजिस्टिक्स पार्क और कृषि-आधारित उद्योग विकसित किए जाएंगे।

    पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा एक्सप्रेस-वे
    यह सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा रहा है। इसके किनारों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे और बिजली आपूर्ति के लिए सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश की अब तक की सबसे लंबी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के सड़क परिवहन को मजबूती प्रदान करेगा। यह एक्सप्रेस-वे उन क्षेत्रों को सीधा संपर्क प्रदान करेगा, जो पहले मुख्यधारा के परिवहन नेटवर्क से दूर थे।

    प्रोजेक्ट-

    • उन्नाव से प्रयागराज तक 156 किमी तक का प्रोजेक्ट चौथे फेज में है शामिल
    • मंडल के दो जिलों प्रयागराज व प्रतापगढ़ में 56 किमी बनाई जा रही परियोजना

    खास-खास

    • 36230 करोड़ रुपये की लागत है इस परियोजना का, प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट
    • 02 मुख्य टोल प्लाजा प्रयागराज व मेरठ में, 15 रैंप टोल प्लाजा भी बनाए जाएंगे अन्य जिलों में
    • 15 किमी प्रयागराज व 41 किमी प्रतापगढ़ में है प्रोजेक्ट, छह घंटे की प्रयागराज से मेरठ की दूरी

    गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के ''''नए भारत'''' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना राज्य में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता का प्रतीक बनेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी। इस वर्ष के अंत तक इसका काम पूरा कराने की पूरी कोशिश चल रही है। 

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    -मनीष कुमार वर्मा. डीएम