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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Flood in Prayagraj : प्रयागराज में बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी, NDRF और SDRF की टीम मुस्तैद

Published: Sun, 03 Aug 2025 04:11 PM (IST)

Ganga And Yamuna River Above Danger Mark पिछले 24 घंटे में गंगा का 81 सेमी तो यमुना का 84 सेमी ...और पढ़ें

प्रयागराज में बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश
प्रयागराज में बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश

जागरण संवाददाता, प्रयागराज : संगमनगरी में गंगा और यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रदेश में हो रही लगातार वर्षा के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना के लगातार उफान पर आने के कारण कई तटीय इलाके खतरे में पड़ चुके हैं। यहां पर निचले इलाके में रहने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं।

एसडीआरएफ टीम के जवान बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में निरंतर लगे हैं। यहां पर दोनों नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर से से लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी प्रभावित हो चुकी है। जिले के 77 गांव पानी से घिर चुके हैं। इसके साथ ही शहर की पांच दर्जन बस्तियों में पानी घुस चुका है। पिछले 24 घंटे में गंगा का 81 सेमी तो यमुना का 84 सेमी जल स्तर बढ़ा है। शाम तक और भी पानी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में गंगा से सटे नेवादा व अशोक नगर, सलोरी जैसे इलाकों से लोगों को सुरक्षित शिविरों में शरण लेने की अपील की गई है।

खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर बह रहीं गंगा-यमुना

रविवार को गंगा और यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से 70 सेमी ऊपर हो गया। पिछले 24 घंटे में गंगा का 81 सेमी तो यमुना का 84 सेमी जल स्तर बढ़ा है। चंबल, केन और बेतवा नदियों में पानी आगरा, औरैया, हमीरपुर में भले ही कम होने लगा है, मगर बांदा के अप स्ट्रीम में अब भी बाढ़ के हालत हैं। गंगा और यमुना में रविवार सुबह लगभग 18 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है। अभी जल स्तर और भी बढ़ने की आशंका है।

गंगा और यमुना का विकराल रूप

गंगा और यमुना अब विकराल रूप धारण कर चुकी हैं। खतरे का निशान पार कर चुकीं दोनों नदियों से लगभग साढ़े तीन लाख की आबादी प्रभावित हो चुकी है। जिले के 77 गांवों के साथ ही शहर की 59 बस्तियों में पानी घुस चुका है। शहर और गांवों के 16 हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया गया है तो 65 हजार के करीब लोग अब तक बेघर हो गए हैं। जनपद में 16 बाढ़ राहत शिविरों में सात हजार से ज्यादा लोग शरण लिए हैं।

घरों में घुसा पानी, सड़कें व गलियां जलमग्न

प्रयागराज में बाढ़ का कहर बस्तियों पर बरपने लगा है। गंगा व यमुना के तटीय इलाकों में घरों में पानी घुस गया है तो सड़कें व गलियां जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की आठ टीमें उतार दी गई हैं। इसी तरह जल पुलिस के साथ ही पीएसी बाढ़ राहत की पूरी कंपनी लगा दी गई है। कुल आठ टीमें पीएसी व जल पुलिस की लगाई गई हैं। ये टीमें शनिवार रात भर बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू की हैं।

700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

एनडीआरएफ समेत राहत में लगी सभी टीमों घरों में फंसे 700 से अधिक लोगों को बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। एनडीआरएफ समेत सभी टीमों को 36 मोटर बोट दी गई हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न मोहल्लों और तटीय क्षेत्रों के गांवों में 162 नावें लगाई गई हैं, जिससे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।