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EDFC के एंबैकमेंट में भारी कटान, कौशांबी के सिराथू में कई किमी तक बारिश से बही मिट्टी

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 15 Sep 2026 08:56 PM (IST)

लगातार बारिश के कारण कौशांबी के सिराथू के पास ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के ट्रैक का तटबंध कट गया ...और पढ़ें

कौशांबी के सिराथू में डीएफसी लाइन के किनारे मिट्टी की कटान रोकने के लिए रखवाईं गईं रेत की बोरियां- जागरण

कौशांबी के सिराथू में डीएफसी लाइन के किनारे मिट्टी की कटान रोकने के लिए रखवाईं गईं रेत की बोरियां- जागरण

HighLights

  1. ट्रैक की नींव (तटबंध) कटा, रेत की बोरियों से अस्थायी बचाव, आवागमन जारी

  2. पंजाब से बिहार-बंगाल तक है रूट, 24 घंटे में दौड़ती हैं 80 से 100 मालगाड़ियां

संसू, जागरण, सिराथू (कौशांबी)। लगातार हो रही बारिश के चलते ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर (ईडीएफसी) के ट्रैक पर खतरे की घंटी बज गई है। कानपुर-प्रयागराज रेल खंड पर सिराथू के समीप रेलवे लाइन के दोनों किनारों से कई किलोमीटर तक मिट्टी बह गई है।

तकनीकी रूप से जिस ऊंचे मिट्टी के चबूतरे या तटबंध पर रेलवे ट्रैक टिका होता है, उसे ‘एंबैकमेंट’ कहते हैं। पानी के तेज बहाव से यह एंबैकमेंट जगह-जगह कट गया है, जिससे पटरी के नीचे की जमीन कमजोर होने और ट्रैक धंसने का गंभीर जोखिम खड़ा हो गया है।

ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर मुख्य रूप से पंजाब के साहनेवाल (लुधियाना) से शुरू होकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार के सोननगर (व आगे पश्चिम बंगाल के दानकुनी) तक जाता है। यह विशेष कारिडोर मालगाड़ियों के तेज और निर्बाध संचालन के लिए बनाया गया है।

इस व्यस्त रूट पर चौबीसों घंटे कोयला, खाद्यान्न और कंटेनर ढोने वाली 80 से 100 से अधिक मालगाड़ियां फर्राटा भरती हैं। तटबंध कटने के बावजूद राहत की बात यह है कि इस रूट पर मालगाड़ियों का आवागमन फिलहाल बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश जारी रही और एंबैकमेंट का कटाव बढ़ा, तो बड़ा हादसा हो सकता है। खतरे को देखते हुए ईडीएफसी प्रशासन ने संवेदनशील हिस्सों में रेत व मिट्टी से भरी बोरियां लगवाकर पानी का बहाव रोकने का प्रयास किया है।

ईडीएफसी परियोजना के उप प्रबंधक अरविंद पांडेय ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर बोरियां लगाकर कटाव नियंत्रित कर लिया गया है। मानसून समाप्त होते ही टेंडर धारक फर्म के जरिए मिट्टी का भराव करवाकर स्थायी मरम्मत कार्य पूरा कराया जाएगा।

कंट्रोल कमांड सेंटर से रखी जा रही निगरानी

ईडीएफसी पर चल रही मालगाड़ियों की सीधी निगरानी सूबेदारगंज स्थिति एशिया के सबसे बड़े कंट्रोल कमांड सेंटर से की जा रही है। यहां 110 मीटर की वाल पर 90 मीटर की स्क्रीन से मालगाड़ियों की लाइव निगरानी हो रही है। कौन सी मालगाड़ी कहां है, इसकी एक एक पल की अपेडट स्क्रीन पर हो रही है।