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प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरोबाग की दीवार की नींव खोखली कर रहे चूहे, ASI बिलों को बंद कराने की कर रहा जुगत

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 20 Feb 2026 04:06 PM (IST)

प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरोबाग की दीवारों को चूहों से खतरा है। दैनिक जागरण में खबर छपने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ...और पढ़ें

प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरो बाग की दीवार में चूहों के बिल को भरते पुरातत्व विभाग के श्रमिक। सौजन्य : पुरातत्व विभाग

प्रयागराज के ऐतिहासिक खुसरो बाग की दीवार में चूहों के बिल को भरते पुरातत्व विभाग के श्रमिक। सौजन्य : पुरातत्व विभाग

HighLights

  1. मुख्यमंत्री कार्यालय ने दैनिक जागरण की खबर का लिया संज्ञान

  2. खुसरोबाग की दीवार की मरम्मत के लिए भेजा गया प्रस्ताव

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। ऐतिहासिक खुसरोबाग की खोखली दीवार को बचाने के लिए एएसआइ (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) सक्रिय हो गया है। दैनिक जागरण ने 19 फरवरी के अंक में 'खुसरोबाग की दीवारों की नींव खोखली कर रहे चूहे' शीर्षक से खबर प्रकाशित की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसका संज्ञान लेकर जवाब-तलब किया। इसके बाद एएसआइ हरकत में आया।

चूहे के बिल बंद कराने में चुर्खी मसाले का प्रयोग

डीएसए मैदान वाले चौराहे के पास दीवार में चूहों के बनाए बिल को बंद कराना शुरू कर दिया। वहां चुर्खी मसाले से जोड़ाई कराई गई। साथ ही दीवार में आयी दरार को ठीक कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करवाया गया है।

जहांगीर ने बेटे खुसरो की याद में बनवाया था खुसरोबाग 

खुसरोबाग को 17वीं शताब्दी की शुरुआत में मुगल बादशाह जहांगीर ने अपने सबसे बड़े बेटे खुसरो मिर्जा की याद में बनवाया था। 40 एकड़ में फैसले खुसरोबाग के मध्य में खुसरो मिर्जा की कब्र है। पत्थर की दीवारें काफी ऊंची और चौड़ी हैं। प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जून 1857 में मौलवी लियाकत अली ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करते हुए स्वतंत्र सत्ता का केंद्र खुसरोबाग में स्थापित किया था। यहीं से इलाहाबाद (अब प्रयागराज) को लगभग 10 दिनों तक आजाद रखा था।

खुसरोबाग की देखरेख की जिम्मेदारी एएसआइ पर

खुसरोबाग में एएसआइ का शाखा मुख्यालय है। इसकी देखरेख एएसआइ के जिम्मे है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दीवार में चूहों ने बिल बनाकर खोखला करना शुरू कर दिया है। दीवार में सौ से अधिक बिल बन गई है। कुछ जगह दरार हो गई है। गुरुवार को बिलों को मुंदवाया गया।

क्या कहते हैं एएसआइ के अधिकारी?

एएसआइ के सहायक संरक्षण अधिकारी कर्मवीर तिवारी का कहना है कि दीवार की नींव के पास चूहों ने बिल बनाया था उसे चुर्खी मसाले से पूरी तरह से मुंदवा दिया गया है। इसके अलावा दरार की मरम्मत के लिए विभाग से बजट मांगा गया है। प्रस्ताव बना लिया गया है इसे शीघ्र भेज दिया जाएगा ताकि बजट मिले और मरम्मत कराई जा सके।

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