इलाहाबाद विश्वविद्यालय में PhD की 959 सीटों के लिए प्रवेश शुरू है, अभ्यर्थी जल्दी करें- 45 विषयों में अब मौका
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कुल 959 पीएचडी सीटों की घोषणा की है, जिसमें 45 विषयों में ...और पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
HighLights
470 सीटें इवि कैंपस की और संघटक कॉलेजों में 489 सीटें उपलब्ध
रसायन विज्ञान में सर्वाधिक 84 सीटें, कामर्स में 75 और भौतिकी में 74
पीएचडी में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की पात्रता 75 प्रतिशत अंक जरूरी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इवि) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के पीएचडी प्रवेश के लिए कुल 959 सीटें घोषित की हैं। इसमें 470 सीटें इवि कैंपस की और संघटक कॉलेजों में 489 सीटें हैं। विश्वविद्यालय ने 49 विषयों में सीटों का ब्योरा दिया गया है। इन सीटों में विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ विभिन्न संबद्ध महाविद्यालयों की सीटें भी शामिल हैं। इनमें से चार विषयों में शून्य सीटें हैं। ऐसे में 45 विषयों में पीएचडी होगी। इसमें आवेदन 25 सितंबर तक चलेगी।
किस विषय में कितनी सीटें
सीटों के लिहाज से रसायन विज्ञान सबसे आगे है। इसमें 84 सीटें हैं। इसके बाद कामर्स एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में 75, भौतिकी में 74, विधि में 56, हिंदी में 50, शिक्षा में 45, अंग्रेजी में 45 और दर्शनशास्त्र में 45 सीटें निर्धारित की गई हैं। प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व में 43, गणित में 34, कंप्यूटर साइंस में 28, अर्थशास्त्र में 27 और इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन में 23 सीटें हैं।
सीटें कम या अधिक हो सकती हैं
पत्रकारिता एवं जनसंचार के अभ्यर्थियों के लिए जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में चार सीटें उपलब्ध हैं। एग्रीकल्चरल माइक्रोबायोलाजी और अरबी में इस समय शून्य सीटें हैं। इसी तरह पर्शियन और थिएटर एंड फिल्म में भी सीटें शून्य दर्शाई गई हैं। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सीटों की संख्या शोध पर्यवेक्षकों की उपलब्धता और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के अनुसार बढ़ या घट सकती है।
कॉलेजों में सीटें: एडीसी में सर्वाधिक 38 सीटें
विश्वविद्यालय किसी विषय में प्रवेश वापस लेने का अधिकार भी सुरक्षित रखता है। कॉलेजों में सर्वाधिक 203 सीटें एडीसी में है। यह विश्वविद्यालय में उपलब्ध सीटों का 20 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं सीएमपी में 89, एसएस खन्ना में 46 और जगत तारन में 36 सीटें हैं। एडीसी में सर्वाधिक 38 सीटें विधि में हैं।
पीएचडी में प्रवेश के लिए मास्टर डिग्री में 75 प्रतिशत अंक
पीएचडी प्रवेश के लिए सामान्य पात्रता के तहत अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होनी चाहिए। मास्टर डिग्री में कम से कम 75 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। चार वर्षीय/आठ सेमेस्टर की स्नातक डिग्री के आधार पर सीधे पीएचडी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के लिए कम से कम 75 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। एससी, एसटी, ओबीसी-नान क्रीमी लेयर, दिव्यांग, ईडब्ल्यूएस तथा आयोग के अनुसार अन्य पात्र श्रेणियों को अंकों में पांच प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है। अंक प्रतिशत को अगले पूर्णांक तक राउंड आफ नहीं किया जाएगा।
विषय के अनुसार ही होगी पात्रता
अभ्यर्थी को जिस विषय में पीएचडी करनी है, उसके लिए संबंधित क्वालिफाइंग विषय की शर्त पूरी करनी होगी। वहीं डेवलपमेंट स्टडीज जैसे बहुविषयक कार्यक्रम में राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, भूगोल, शिक्षा, इतिहास, दर्शन, मानवशास्त्र, कामर्स एंड मैनेजमेंट, पर्यावरण विज्ञान, मीडिया स्टडीज आदि विषयों को भी स्वीकार किया गया है। प्रवेश में क्वालिफाइंग परीक्षा को 70 प्रतिशत और रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट (रैट) को 30 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा। अंतिम मेरिट में शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए अधिकतम 20 अंक, क्वालिफाइंग परीक्षा के लिए 70 और रैट के लिए 30 अंक निर्धारित हैं, यानी कुल 120 अंक होंगे।
