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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बवाल, परिचर्चा के दौरान छात्रों के दो गुट आपस में भिड़े, मारपीट-हंगामा में कई छात्र घायल

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 03 Feb 2026 09:14 PM (IST)

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में यूजीसी नियमावली पर दिशा छात्र संगठन की परिचर्चा में दो गुट भिड़ गए, जिससे मारपीट और हंगामा ...और पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों में मारपीट में कुछ छात्र घायल हुए हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के दो गुटों में मारपीट में कुछ छात्र घायल हुए हैं।

HighLights

  1. बिना अनुमति हो रही परिचर्चा में आपत्तिजनक नारों के बाद उग्र हुए अन्य छात्र

  2. दिशा छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय व जिला प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में यूजीसी नियमावली–2026 पर आयोजित दिशा छात्र संगठन की शैक्षणिक परिचर्चा के दौरान मारपीट-हंगामा हो गया। छात्रों के दो गुट एक-दूसरे से भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। इसमें दोनों पक्षों से छात्र घायल हुए हैं। एक पक्ष के बीए तृतीय वर्ष के एक छात्र को दांत से काटा गया, वहीं दूसरे पक्ष के भी कई छात्र-छात्राओं को भी चोट आई है। दोनों पक्षों की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

दिशा छात्र संगठन ने क्या लगाया आरोप?

दिशा छात्र संगठन का कहना है कि मंगलवार को वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय बरगद लान में उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श कर रहे थे। परिचर्चा के दौरान 30 से 40 की संख्या में आए युवकों ने अचानक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि परिचर्चा में शामिल कई छात्र-छात्राओं को जातिसूचक गालियां दी गईं। महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई और घूंसे मारे गए।

आक्रामक हमलावरों का छात्रों को धमकाने का आरोप 

संगठन का दावा है कि हमलावरों का रवैया बेहद आक्रामक था और वे लगातार छात्रों को धमकाते रहे। बाद में जब बड़ी संख्या में छात्र एकत्र हुए तो हमलावर मौके से भाग गए। वहीं दूसरे गुट का आरोप है कि परिचर्चा के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए जा रहे थे और इसका विरोध करने गए छात्रों पर संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया है।

छात्रा ने छात्र को दांत काटकर किया घायल

एक छात्र को एक संगठन से जुड़ी एक छात्रा ने आक्रामक तरीके से दांत से काटकर लहूलुहान कर दिया। इस प्रकरण की जानकारी मिलने पर सक्रिय प्राक्टोरियल बोर्ड दोनों गुटों को लेकर प्राक्टर कार्यालय लेकर गया। जहां पूछताछ की गई। दिशा छात्र संगठन के संयोजक चन्द्रप्रकाश ने कहा कि जहां सामान्य छात्रों को पहचान पत्र के लिए परेशान किया जाता है, वहीं एक विशेष संगठन की बिना नंबर प्लेट की चार पहिया गाड़ियां बेरोकटोक परिसर में प्रवेश कर रही हैं। 

बिना अनुमति के हो रहा है कार्यक्रम : पीआरओ

जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने बताया कि बरगद लान में यूजीसी नियमावली-2026 विषय पर बिना किसी पूर्व अनुमति के दिशा छात्र संगठन के लोग कार्यक्रम और नारेबाजी कर रहे थे। इसका प्रतिरोध दूसरे छात्रों ने किया तो दोनों गुटों में झड़प हुई। जिस बीए तृतीय वर्ष के छात्र को दांत से काटा गया था, उनकी चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित की गई है। शिकायतों के आधार पर विधिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा, अभद्रता, जातिसूचक भाषा या महिलाओं के प्रति दुर्व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच के बाद दोषी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों को संयम, संवाद और शैक्षणिक गरिमा बनाए रखना चाहिए।


सीएमपी विधि संकाय परिसर में हुआ विवाद

इसी बीच, सीएमपी डिग्री कालेज के विधि संकाय परिसर में भी दो गुटों में मारपीट का मामला सामने आया है। विधि संकाय के छात्रों ने एससी-एसटी और ओबीसी समुदाय के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियों का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि सोमवार कालेज के एक व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ छात्रों द्वारा आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। कालेज के एक प्रोफेसर पर आरोप लगाया कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शिकायत करने वाले छात्रों को धमकाया और मामला दबाने की कोशिश की। छात्रों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में दोषी छात्रों के निष्कासन और संबंधित प्रोफेसर को निलंबित करने की मांग की है।