आजम खान और बेटे अब्दुल्ला के मामले की सुनवाई से पीछे हटे हाई कोर्ट के जज, चीफ जस्टिस को भेजा केस
इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के दोहरे ...और पढ़ें

आजम खान और बेटे अब्दुल्ला के मामले की सुनवाई से पीछे हटे हाई कोर्ट के जज।

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विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट में सपा नेता व पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान के दोहरे पैन कार्ड मामले में गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने इस मामले से संबंधित दोनों आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि दोनों याचिकाओं को नई पीठ के गठन के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। दोनों पुनरीक्षण याचिकाएं 15 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में टाप-10 मामलों की सूची में शामिल थीं।
पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, एनआइ. जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद व अंकुर आजाद की दलीलें सुनी थीं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्रों पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध करते हुए यह भी कहा गया था कि दोनों आरोपितों को मामले में सम्मानपूर्वक बरी किया जाना चाहिए। गुरुवार को अदालत की कार्यवाही शुरू होने पर आजम और अब्दुल्ला की ओर से मामले को सुनवाई के लिए लेने का मौखिक उल्लेख किया गया।
इसी दौरान न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया और मामले को नई पीठ के गठन के लिए मुख्य न्यायमूर्ति के समक्ष भेजने का आदेश दिया। यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ सप्ताह से हाई कोर्ट इन पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।
इससे पहले अदालत दोनों मामलों में नोटिस जारी कर चुकी थी और पक्षकारों के बीच काउंटर एफिडेविट तथा प्रत्युत्तर हलफनामों के आदान-प्रदान के निर्देश भी दिए जा चुके थे। समान तथ्यात्मक और विधिक प्रश्न होने के कारण अब्दुल्ला की पुनरीक्षण याचिका को आजम की पूर्व से लंबित पुनरीक्षण याचिका के साथ टैग भी किया गया था।
आजम परिवार से जुड़े मामलों में न्यायिक रिक्यूजल का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 21 नवंबर 2025 को न्यायमूर्ति समीर जैन ने यतीमखाना प्रकरण से संबंधित मामलों की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। अब दोहरे पैन कार्ड मामले की सुनवाई नई पीठ के गठन के बाद होगी।
