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मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष की बीमारी का हाईकोर्ट ने कराया सीजेएम-सीएमओ से सत्यापन, 30 सितंबर तक टली सुनवाई

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:23 AM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना की बीमारी का सत्यापन सीजेएम और सीएमओ से ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने उपाध्यक्ष की बीमारी का सत्यापन कराया।

  2. सीजेएम और सीएमओ ने घर जाकर जांच रिपोर्ट दी।

  3. सुनवाई 30 सितंबर तक टली, उपाध्यक्ष को उपस्थित रहना होगा।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्लाट से जुड़े एक मामले की सुनवाई 30 सितंबर तक टाल दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि उपाध्यक्ष 30 सितंबर को दोपहर दो बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। सचिव अर्पित गुप्ता को अगली तिथि पर पेश होने से छूट दी गई है।

याची के अधिवक्ता ने आरोप लगाया था कि उपाध्यक्ष बीमार नहीं, कार्यालय में हैं। कोर्ट ने सीजेएम और सीएमओ को घर जाकर जांच का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष याची विजय कुमार सौरभ का पक्ष अधिवक्ता डी.एस. पांडेय तथा प्राधिकरण की ओर से बी. दयाल, सीएससी, नम्मन राज वंशी और तेज भान सिंह ने रखा।

सीएमओ मेरठ की रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि उपाध्यक्ष वायरल बुखार से पीड़ित हैं और यात्रा करना अनुचित है। मेडिकल टेस्ट में कोई गंभीर बात नहीं मिली, लेकिन सीएमओ ने यात्रा में असमर्थता बताई। इससे पहले सोमवार को उपाध्यक्ष ने बीमारी का हवाला देकर पेशी से छूट मांगी थी और सचिव अर्पित गुप्ता कोर्ट में पेश हुए थे।

मुकदमे से जुड़े संक्षिप्त तथ्य यह है कि प्राधिकरण ने आवासीय योजना वेदव्यासपुरी सेक्टर-7ए पाकेट-एनए में विजय कुमार सौरभ को प्लाट आवंटित किया था, बाद में पाकेट -डी में शिफ्ट कर दिया। याची की मांग थी कि शिफ्टिंग की तिथि से किस्त ली जाए। प्राधिकरण ने यह मांग ठुकरा दी है।

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