सिपाही भर्ती में होमगार्ड की आयु-सीमा छूट खत्म करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट में सरकार तलब
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिपाही भर्ती में होमगार्ड अभ्यर्थियों को आयु-सीमा में दी गई छूट को अचानक खत्म करने के ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की फाइल फोटो।
HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट में 12 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
32,679 सिपाही व समकक्ष पदों की सीधी भर्ती से जुड़ा है मामला
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा सिपाही भर्ती में होमगार्ड अभ्यर्थियों को दी गई तीन वर्ष की आयु-सीमा छूट अचानक समाप्त किए जाने के मामले में राज्य सरकार व पुलिस भर्ती बोर्ड से जानकारी मांगी है। प्रकरण में अगली सुनवाई की तिथि 12 फरवरी 2026 नियत की गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकल पीठ ने शिवम सिंह व 22अन्य की याचिका पर दिया है।
जानें पूरा मामला
मामला 32,679 सिपाही एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती से जुड़ा है। याचीगण की तरफ से अधिवक्ता ऋषभ केसरवानी ने बहस की। इनका कहना था कि राज्य सरकार ने पांच जनवरी 2026 को होमगार्ड श्रेणी के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया था, इस निर्णय के बाद बड़ी संख्या में होमगार्ड अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को भर्ती बोर्ड ने अचानक आयु-सीमा छूट समाप्त कर दिया, इससे अनेक होमगार्ड अभ्यर्थी आवेदन के लिए अयोग्य हो गए।
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा, जब राज्य सरकार पहले ही आयु-सीमा में छूट देने का निर्णय ले चुकी है और अभ्यर्थियों ने उसी आधार पर आवेदन भी कर दिया तो भर्ती बोर्ड द्वारा अचानक उस छूट को समाप्त करना मनमाना और असंवैधानिक है। दलील दी गई है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में नियमों में इस प्रकार का बदलाव अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है और उनके वैध अधिकारों का हनन करता है। याचीगण ने कोर्ट से भर्ती बोर्ड के इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की है।
