TGT भर्ती परीक्षा के अंग्रेजी विषय मामले में इलाहाबाद HC ने कहा, विशेषज्ञ समिति को त्रुटि मिली हो तो आंख बंद नहीं कर सकते
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने टीजीटी भर्ती परीक्षा के अंग्रेजी विषय में पाठ्यक्रम से बाहर के सवालों पर अहम टिप्पणी की ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर हुई सुनवाई
विशेषज्ञ समिति ने माना- 37 में से 29 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा 2026 में अंग्रेजी विषय से जुड़ी याचिका पर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में त्रुटि स्पष्ट दिखे तो वह आंख नहीं बंद कर सकता।
आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य की याचिका पर सुनवाई
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने आदित्य कुमार सिंह और 17 अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को राज्य सरकार को 24 घंटे में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट रिकार्ड पर लाने का निर्देश दिया। प्रकरण में अगली सुनवाई 20 जुलाई को दोपहर 12:30 बजे होगी।
आयोग के अधिवक्ता का तर्क
याचिका में 37 सवालों को सिलेबस से बाहर और गलत बताया गया है। 13 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में प्रतिवादी संख्या-2 (सचिव उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज) की ओर से अधिवक्ता के. शाही ने बताया कि विशेषज्ञ समिति ने जांच के बाद माना है कि 37 में से 29 सवाल वास्तव में पाठ्यक्रम से बाहर थे। हालांकि उन्होंने कहा कि शेष चार सवालों को गलत बताने की आपत्ति समिति ने स्वीकार नहीं की है। शाही ने आश्वासन दिया कि वे समिति की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर कोर्ट में दाखिल कर देंगे।
याचीगण के अधिवक्ता ने दी दलील
याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा ने कहा कि यह कानून में स्थापित है कि कोर्ट विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर विशेषज्ञ की तरह नहीं बैठ सकता, लेकिन यदि रिकार्ड पर गलती स्पष्ट है तो कोर्ट हस्तक्षेप कर सकता है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने पर वे आपत्ति दाखिल करेंगे और उन परिस्थितियों को भी स्पष्ट करेंगे जिनमें कोर्ट विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट में हस्तक्षेप कर सकता है।
