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राजस्थान परिवहन को UP में रजिस्टर्ड बस की RC सस्पेंड करने का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sun, 18 Oct 2026 06:30 AM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि राजस्थान परिवहन प्राधिकरण उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बस का पंजीकरण प्रमाणपत्र निलंबित नहीं कर सकता।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. राजस्थान प्राधिकरण यूपी में पंजीकृत बस की आरसी निलंबित नहीं कर सकता।

  2. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बस संचालक की याचिका स्वीकार कर नोटिस रद्द किया।

  3. सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाध्यकारी, राजस्थान प्राधिकरण उस मामले में पक्षकार।

विधि संवाददाता, प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बस का पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) राजस्थान का परिवहन प्राधिकरण निलंबित नहीं कर सकता। कोर्ट ने बस संचालक दिनेश सिंह सिकरवार की याचिका स्वीकार करते हुए राजस्थान परिवहन प्राधिकरण की ओर से 12 फरवरी को जारी नोटिस रद कर दिया है।

न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। याची उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बस का मालिक है। राजस्थान परिवहन प्राधिकरण ने बस की आरसी निलंबित कर इसकी जानकारी एनआइसी पोर्टल पर दर्ज कर दी थी।

याची ने इस कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। राजस्थान सरकार की ओर से दलील दी गई कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धाराओं 53 और 55 के तहत पंजीकरण प्राधिकरण को आरसी निलंबित करने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाध्यकारी

वहीं, याची के अधिवक्ता गिरीश कुमार मालवीय ने सुप्रीम कोर्ट के महेंद्र गुप्ता बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले का हवाला दिया। इस फैसले में कहा गया था कि राजस्थान का प्राधिकरण दूसरे राज्य में पंजीकृत वाहन की आरसी निलंबित नहीं कर सकता। वह अपने राज्य में उस वाहन के संचालन पर रोक लगा सकता है। हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाध्यकारी है।

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राजस्थान परिवहन प्राधिकरण उस मामले में पक्षकार था और उसकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हो चुकी है। ऐसे में वह दोबारा क्षेत्राधिकार पर सवाल नहीं उठा सकता। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि याची बस को उत्तर प्रदेश के पंजीकरण प्राधिकारी के समक्ष पेश कर चुका है।