UP HJS Exam: इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, कम अनुभव वाले न्यायिक अधिकारियों को भी UPHJS परीक्षा में बैठने की अनुमति
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा पदोन्नति परीक्षा में कम अनुभव वाले न्यायिक अधिकारियों को बड़ी राहत ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने UPHJS परीक्षा पर दिया फैसला।
कम अनुभव वाले न्यायिक अधिकारियों को मिली बड़ी राहत।
4 जुलाई 2025 तक 5 वर्ष सेवा पूरी करने वाले पात्र।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा पदोन्नति परीक्षा में कम अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को बैठने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की पीठ ने आशुतोष तिवारी व 39 अन्य न्यायिक अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि चार जुलाई 2025 तक पांच वर्ष की अर्हता सेवा पूरी करने वाले सभी अधिकारियों को आगामी 27 सितंबर 2026 को होने वाली परीक्षा में अस्थायी रूप से शामिल होने दिया जाए।
यह मामला पदोन्नति के लिए कट-आफ डेट 31 दिसंबर 2024 से संबंधित है। याचियों के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे ने तर्क दिया कि संशोधन नियम चार जुलाई 2025 को अधिसूचित किया गया था। यदि इस तारीख से सेवा की गणना की जाए तो सभी याचियों के पास पांच वर्ष का अनुभव है, लेकिन 31 दिसंबर 2024 की पुरानी कट-आफ डेट के कारण वे मात्र 18 दिन से अयोग्य हो रहे थे।
हाई कोर्ट प्रशासन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता शशिनंदन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2024 की कट-आफ डेट सर्वसम्मति से तय की गई थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद अंतरिम राहत दी कि चार जुलाई 2025 तक अर्हता पूरी करने वाले याचिकाकर्ताओं को परीक्षा देने की अनुमति दी जाए। हालांकि यह राहत हाई कोर्ट प्रशासन के अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर तय की है।
