इलाहाबाद HC ने फिरोजाबाद के घंटाघर निर्माण पर रोक लगाई, कहा- हर हाथ में मोबाइल तो घंटाघर की जरूरत क्यों?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फिरोजाबाद के सदर बाजार में प्रस्तावित घंटाघर के निर्माण पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी ...और पढ़ें

इलाहाबाद हाई कोर्ट।
HighLights
फिरोजाबाद के सदर बाजार स्थित पुरानी मंडी में प्रस्तावित घंटाघर के निर्माण पर अगली सुनवाई तक रोक
प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश, मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को
विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फिरोजाबाद के सदर बाजार स्थित पुरानी मंडी में प्रस्तावित घंटाघर के निर्माण पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन है, जिसमें समय उपलब्ध है। ऐसे में 55 साल बाद घंटाघर बनाने के फैसले की प्रासंगिकता पर सवाल उठता है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने एक दुकानदार की याचिका पर दिया। याची ने कहा कि प्रस्तावित घंटाघर उसकी दुकान के सामने बनाया जा रहा है और इससे उसका कारोबार प्रभावित होगा। कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि निर्माण स्थल व्यस्त बाजार में है और वहां पार्किंग की जगह नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि घंटाघरों का अपने समय में महत्वपूर्ण उपयोग था, लेकिन वर्तमान दौर में मोबाइल फोन और कलाई घड़ी के कारण इनकी प्रासंगिकता नहीं रह गई है। 55 साल बाद पुरानी तकनीक को लागू करना अतार्किकता और मनमानी की पराकाष्ठा है।
हालांकि कोर्ट ने कहा कि 1970 में दान की गई जमीन का सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नगर निगम मूल उद्देश्य के निकट किसी समकालीन सार्वजनिक उपयोग पर विचार कर सकता है। सभी प्रतिवादियों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को तय की गई है। तब तक घंटाघर का निर्माण रोक दिया गया है। आदेश की सूचना डीएम और नगर आयुक्त को 24 घंटे में देने का निर्देश भी दिया गया है।
