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प्रतापगढ़ : बदमाशों की गोली से घायल हुए युवक की इलाज के दौरान एसआरएन हास्पिटल प्रयागराज में शनिवार देर रात मौत हो गई। रविवार को देर शाम शव लाने पर पुलिस वालों ने जबरन घर पर उतरवा दिया। इससे कैबिनेट मंत्री के घर के सामने तिराहे पर जाम लगाए लोगों का गुस्सा भड़क उठा और पुलिस व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उधर, बदमाशों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने दुकानदार की तहरीर पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया है। सात-आठ संदिग्ध लोगों को पकड़कर पुलिस पूछताछ कर रही है।

शहर के सदर बाजार निवासी अंजनी कुमार उमरवैश्य ने मां बेल्हा देवी रोड के पास किराने की दुकान खोल रखी है। शनिवार देर शाम बाइक सवार तीन बदमाश दुकान पर पहुंचे और काजू, बादाम समेत अन्य सामान मांगा। अंजनी के पैसा मांगने पर पिस्टल निकाल लिया, वह नौकरों के साथ पीछे कमरे में छिप गए थे। इसके बाद दोनों बदमाश दुकान के अंदर घुस गए और सारा सामान, 115 हजार रुपये लूटकर भागने लगे। भागते समय बदमाशों ने दुकान के बाहर हवाई फायर किया। आगे बढ़ने पर घर के सामने खड़े अशोक शर्मा (35) पुत्र मेवालाल को गोली मार दिया था। अशोक को एसआरएन हास्पिटल प्रयागराज में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद रविवार देर शाम यहां शव लाए जाने का इंतजार कर रहे परिजनों समेत मोहल्ले वालों ने कुमार पैलेस तिराहे पर जाम लगा दिया। पहले से चौकन्नी पुलिस ने दूसरे रास्ते से शव जबरन अशोक के घर भेज दिया और शव घर पर उतरवा दिया। यह जानकारी होने पर जाम लगाने वाले लोग आक्रोशित हो उठे और पुलिस व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आक्रोशित लोग शव घर से जामस्थल पर उठा लाए। लोग बदमाशों की गिरफ्तारी, मृतक के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक सहायता, पत्नी को नौकरी, शिवपुरी में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग कर रहे थे। बवाल की आशंका देख भारी तादाद में फोर्स जाम स्थल पर बुला ली गई। थोड़ी देर बाद एडीएम शत्रोहन वैश्य पहुंचे और परिजनों से वार्ता की, लेकिन संतुष्ट न होने पर शव लेकर परिजनों समेत लोग सदर मोड़ पहुंचे और प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर जाम लगा दिया।

उधर, दुकानदार अंजनी उमरवैश्य ने पुलिस को दी गई तहरीर में 15 हजार रुपये, हजारों का सामान लूटने की बात कही है। पुलिस ने तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में दो बदमाश दुकान में अंदर घुसते दिखे हैं। एक का चेहरा ढका है। दूसरे का चेहरा खुला है। बाइक पर बैठे बदमाश का चेहरा नहीं दिखा। पुलिस ने रविवार को सीसीटीवी फुटेज जेल में बंद भुलियापुर, आजादनगर के बदमाशों को दिखाया, लेकिन कोई पहचान नहीं सका। एसपी एस आनंद ने बताया कि बदमाशों को चिह्नित करने का प्रयास किया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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