प्रतापगढ़ : शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन नवमी पर गुरुवार को मां के सिद्धिदात्री स्वरूप का पूजन किया गया। इसके साथ ही हवन-भंडारा करके नवरात्र अनुष्ठान का समापन भी कर दिया गया। हालांकि नौ दिनों का पूरा व्रत रखने वाले श्रद्धालु पारण शुक्रवार को करेंगे।

नगर के मां बेल्हा देवी धाम में मां का पूजन किया गया। अंतिम दिन दर्शन करने की लालसा में मंदिर से सड़क तक लोगों की कतार लगी रही। यह धाम जिले का मुख्य देवी स्थल है। ऐसे में दूर-दूर से लोग भोर से आ गए। महिलाओं की लाइन में सबसे लंबी थी। यही नहीं दोपहर में धूप के बाद भी दर्शन को लोग खड़े रहे। मंदिर से लेकर घरों व पंडालों तक दर्शन करने का उत्साह व आस्था की लहर दिखी। इसके साथ ही मंदिर परिसर में बने विशाल हवन कुंड में लोगों ने एक साथ आहुतियां डालीं। बहुत से लोगों ने भंडारा किया। इसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मां से अन्न-धन सदा देने की प्रार्थना की। धाम के उप प्रबंधक प्रमोद कुमार सिंह मुन्ना ने व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी। मां के धाम में बराबर सफाई चलती रही। अंचल के मंदिरों में देवी की आरती के साथ ही कन्या पूजन किया गया। माता का पूजन करके उनको प्रसाद अर्पित किया। उनसे प्रार्थना की गई कि जीवन को मंगलमय बनाएं। हवन व पूजन के साथ ही नवरात्र का समापन करके लोग अब विजय दशमी मनाने की तैयारी में लग गए। बहुत से लोगों ने मां को रोट चढ़ाकर अपनी आस्था जताई। इसी प्रकार मां चंडिका देवी धाम में भी दर्शन-पूजन की धूम रही। दर्शन के लिए भक्तों का रेला लगा रहा। उधर ज्वाला देवी धाम, अष्टभुजा देवी धाम में भी दर्शन करने को कतार रही। मंदिर परिसर के बाहर तक जयकारे लगते रहे।

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