संसू, प्रतापगढ़ : जिले में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लोन का आवेदन करने के बाद दो सौ आवेदक लापता हो गए हैं। बैंक कर्मियों के सत्यापन में इसका राजफाश होने पर इसकी जांच नगर पालिका प्रशासन से कराई जा रही है। आवेदन में दिए गए मोबाइल नंबर पर इनसे न तो संपर्क हो पा रहा है और न ही इनका पता ही सही है। यह ऐसे लाभार्थी हैं, जो कोरोना के पहले दौर में बाहर से प्रतापगढ़ जिले में आए और कोरोना संकट कम होने पर वापस लौट गए।

कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान घोषित किए गए लाकडाउन में सबसे अधिक नुकसान रोजमर्रा का काम करने वाले लोगों का हुआ। पटरी गुमटी दुकानदार बेरोजगार हो गए। लंबे समय तक दुकानें बंद रहने से इनकी आमदनी जहां ठप हो गई, वहीं जमा पूंजी भी खत्म हो गई थी। शासन में ऐसे दुकानदारों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत की। इसके तहत दुकानदारों को बिना गारंटी के 10 हजार रुपये का लोन दिए जाने का प्रावधान रखा गया। योजना के तहत जिले के 4682 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 2749 दुकानदारों को बैंक से लोन दे दिया गया। शेष दुकानदारों का सत्यापन करने के बाद बैंक द्वारा लोन दिया जा रहा है। बैंकों के सत्यापन के दौरान मालूम हुआ कि दो सौ आवेदक ऐसे हैं, जिनका कहीं अता-पता नहीं है। यही नहीं आवेदन में दिए गए मोबाइल नंबर से कुछ लोगों का संपर्क हो रहा है तो वह बता रहे हैं कि वह जिले से बाहर हैं। कुछ लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में एलडीएम अनिल कुमार का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लोन का आवेदन करने वाले दो सौ आवेदकों का कहीं अता-पता नहीं है। इनके मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसकी जांच पड़ताल के लिए नगर पालिका का सहयोग लिया जा रहा है।

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