संसू, प्रतापगढ़ : रानीगंज थाना क्षेत्र के हरिहरगंज बाजार के पास मंगलवार दोपहर पुलिस से हुई मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए। दोनों बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनके कब्जे से रविवार को रानीगंज इलाके में सर्राफ से लूटा गया जेवर बरामद कर लिया गया है।

रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी सर्राफ संजय सोनी से रविवार को राजापुर पेट्रोल पंप के पास बदमाशों ने लगभग एक लाख का जेवर व 10 हजार रुपये लूटा गया था। पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से पुलिस को बदमाशों के बारे में कुछ क्लू मिल गया था। मंगलवार को चिह्नित बदमाशों की लोकेशन रानीगंज इलाके में पाई जा रही थी। मुखबिर की सूचना पर रानीगंज एसओ बीपी तिवारी और स्वाट के प्रभारी विनोद ¨सह फोर्स के साथ दोपहर बाद हरिहरगंज बाजार के पास पुल पर पल्सर व अपाची सवार बदमाशों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायर शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस टीम ने भी गोली चलाई। इससे दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वह गिर पड़े। दौड़कर पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी तलाशी लिया तो उनके कब्जे से दो तमंचा, खोखा और जेवर बरामद हुआ।

पुलिस ने फौरन घायल बदमाशों को सीएचसी रानीगंज भेजा, वहां से जिला अस्पताल भेज दिया। यहां कोतवाल अनुपम शर्मा ने दोनों से पूछताछ किया। सीओ रानीगंज जीडी मिश्र ने बताया कि घायल रूबान (18) पुत्र इम्तियाज निवासी सरायजमुनी रानीगंज व मुख्तार (20) पुत्र नियाज निवासी रामपुर रानीगंज ने ही 11 मार्च को राजापुर पेट्रोल पंप के पास सर्राफ संजय सोनी से जेवर लूटा था, जो उनके कब्जे से बरामद हो गया है। यह दोनों 19 दिसंबर को पेट्रोल पंप के मैनेजर अब्दुल रसीद से हुई 6.58 लाख रुपये की लूट की घटना में शामिल थे। सीओ ने बताया कि यह दोनों सिपाही राजकुमार ¨सह हत्याकांड में जेल में बंद शातिर इरशाद के गुर्गे हैं। इनसे अभी और घटनाओं का पर्दाफाश हो सकता है।

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तेवर में आई पुलिस, अब बदमाशों की शामत

- बदमाशों के खिलाफ गोली के इस्तेमाल से नहीं चूकेगी पुलिस

- अपराध नियंत्रण के योगी फार्मूले का प्रतापगढ़ में होगा प्रयोग

जासं, संवाददाता : जिले पुलिस की भरसक कोशिश के बावजूद अपराध थम नहीं रहे हैं। रोज नए नए लड़के अपराध की दुनिया में दस्तक दे रहे हैं। ये ऐसे बच्चे हैं जिन्हें कहीं न कहीं अपने परिवार और रिश्तेदारों का भी समर्थन है। ऐसे में अपराध को रोकने के लिए पुलिस अब योगी फार्मूले पर उतर आई है। मंगलवार को रानीगंज में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान यह साफ दिखा दिया कि अब गोली का जवाब गोली से मिलने वाला है।

जिले में अपराध रोकने की कोशिश में जुटी पुलिस अक्सर बदमाशों का तमंचा देखते ही कदम पीछे खींच लेती थी। किशोरवय अपराधियों की भरमार से पुलिस मानवीयता दिखा रही थी, लेकिन यह मानवीयता शायद बदमाशों को रास नहीं आई। वे मौका पाते ही पुलिस पर हमला करने से नहीं चूक रहे हैं। यह देखते हुए अब पुलिस ने अपनी रणनीति बदल दी है। जिस तरह पश्चिम यूपी में कई बड़े अपराधी एनकाउंटर का शिकार हुए हैं। वह रणनीति अब प्रतापगढ़ पुलिस भी अपना सकती है।

प्रतापगढ़ में पुलिस की पूरी सक्रियता के बावजूद अपराध न थमने को शीर्ष अधिकारियों ने भी गंभीरता से लिया है और उसके बाद ही गोली का जवाब गोली से देने का निर्णय लिया गया है। शासन ने भी साफ संकेत दे दिया है कि अपराधियों के साथ नरमी आम जनता पर भारी न पड़े। इसलिए बदमाशों से सख्ती से पेश आया जाए।

Posted By: Jagran