प्रवीण कुमार यादव, प्रतापगढ़ : मेहनत मजदूरी कर अपने घर का जीविकोपार्जन करने वाली महिलाएं अब दूसरों को आत्मनिर्भर बना रही हैं। शासन की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद तो उनकी मानों तो तकदीर ही बदल गई। समूह की बैठक में जब यह महिलाएं बेबाक बोलती हैं तो हर किसी की नजर उन पर पड़ती है तो लोग आश्चर्यचकित हो जाते हैं।

हम बात कर रहे हैं मानधाता ब्लॉक के धनीपुर गांव की सरिता देवी की। सरिता बेहद गरीब परिवार से थीं। गांव में दूसरों के यहां मेहनत मजदूरी करके किसी तरह परिवार खर्चा चलाती थी। किसी तरह वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़ी। इसके बाद वह योजना के जरिए समूह तैयार की, जिसमें करीब दर्जनभर से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। सरिता इन दिनों नर्सरी तैयार कर रही हैं। जो पौधे तैयार होते हैं उसे डिमांड के मुताबिक बेचती भी हैं। सितंबर माह में उन्होंने 50 से अधिक ग्राम प्रधानों को पौधारोपण करने के लिए करीब एक हजार से अधिक पौधे दिए थे। सबसे खास बात यह है कि सरकारी विभागों को जरूरत पड़ने से यहीं से पौधे की डिमांड करते हैं। सरिता नर्सरी तैयार करने व उसकी देखरेख के लिए दर्जनभर से अधिक गरीब महिलाओं को रोजगार दे रखी हैं। इसी के सहारे उनके परिवार का भी जीविकोपार्जन हो रहा है। इसमें सरिता देवी, फूल कुमारी, कमरुलनिशा, आफसाना बानो, सीमा देवी, कृपाली देवी, राज कुमारी, यासमीन, अनारकली, अनीता, आशा आदि महिलाएं शामिल हैं।

Posted By: Jagran

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