जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़ : दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. आरडी द्विवेदी को ओपीडी से हिरासत में लिए जाने पर साथी चिकित्सकों में आक्रोश फैल गया। वह कोतवाली जा पहुंचे और जमकर हंगामा किया।

युवती के आरोप लगाने की सूचना पाकर पुलिस दिन में करीब 12 बजे ही अस्पताल पहुंच गई थी। तब तक महज छेड़छाड़ का ही आरोप था। ऐसे में प्रभारी कोतवाल सुरेश सैनी ने चिकित्सक से पूछताछ की। चिकित्सक ने बताया कि युवती ने मेरे सहयोगी डब्बू ¨सह पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। मैने भी सुना है। इसके बाद पुलिस उसी अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवती का बयान लेने पहुंची तो उसने कहा कि चिकित्सक व सहयोगी दोनों ने उसकी आबरू लूटने का प्रयास किया है। यह सब करने के लिए डाक्टर ने मेरे भाई को दवा लाने के बहाने वहां से भेज दिया। यह बयान आने के बाद प्रभारी कोतवाल ने सीओ सिटी अंजनी राय को बताया तो वह कुछ ही देर में आ गए। उन्होंने भी चिकित्सक से पूछताछ की, पीड़िता से बातचीत की। इसके बाद करीब दो बजे उनका इशारा मिलते ही पुलिस ने डा. द्विवेदी को हिरासत में लिया व कोतवाली पहुंचा दिया।

इसकी भनक लगने पर जिला अस्पताल के डा. आरपी चौबे, डा. संजय शर्मा, डा. अनिल गुप्ता, डा. राकेश त्रिपाठी, डा. आरके पांडेय, डा. अनुज वर्मा के साथ ही राकेश यादव, वीके वैश्य समेत चिकित्सा कर्मी 108 एंबुलेंस से कोतवाली पहुंचे। इस बीच डा. द्विवेदी की तबीयत बिगड़ने का शोर मचा तो साथी चिकित्सक आपे से बाहर हो गए। पुलिस पर भड़क गए। सीओ सिटी से उनकी नोकझोंक भी हो गई। इसके बाद सीओ ने आरोपित चिकित्सक को जिला अस्पताल भेजवाया, जहां पुलिस हिरासत में इलाज शुरू किया गया।

--

संविदा पर थे डा. द्विवेदी

गंभीर आरोप में फंसे डा. आरडी द्विवेदी जनवरी 2017 में रिटायर हो गए थे। वह पुनर्नियोजन प्लान के तहत जिला अस्पताल में ही संविदा पर पुन: सेवाएं दे रहे थे। वह करीब एक साल तक जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस भी रहे। उन्होंने सीओ को बताया कि उन पर लगे आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने एक डाक्टर की तरह मरीज का परीक्षण किया था, जो सामान्य बात है।

--

लैब भेजे जाएंगे कपड़े

पुलिस ने पीड़िता के कपड़े जांच के लिए विधि विज्ञान लैब भेजने की तैयारी की है। उसे लगता है कि इस जांच के जरिए मामले में नया मोड़ आ सकता है। उधर पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करा दिया है।

--

चिकित्सा सेवाएं ठप करने की चेतावनी

जासं, प्रतापगढ़ : डाक्टर को हिरासत में लिए जाने के विरोध में साथी चिकित्सक गुस्से में हैं। पीएमएस संघ के डा. एसके शर्मा व डा. दिनेश का कहना है कि आरोपों की पुष्टि हुए बिना डाक्टर को हिरासत में लेना उचित नहीं है। संघ इस पर जोरदार विरोध जताएगा। चिकित्सा सेवाएं ठप कर दी जाएंगीं। उधर बुधवार को अस्पताल से लेकर शहर के हर कोने में इसी कांड की चर्चा रही। कोई से गलत तो कोई सही बता रहा था। लोग सोशल मीडिया पर इसे तलाश रहे थे। सीएमओ दफ्तर में भी यही मामला छाया रहा।

--

अफरातफरी में हलकान हुए मरीज

अस्पताल में पुलिस की चहलकदमी व तमाशबीनों की भीड़ से मरीज हलकान रहे। डा. द्विवेदी के कक्ष में आने वाले मरीजों को कक्ष संख्या छह में भेजा रहा था।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran