संसू, मंगरौरा : दहेज कुप्रथा है। इससे दूर रहना चाहिए। दुल्हन की दहेज है। इस तरह के संदेशों को एक परिवार ने लालच के चलते रौंद डाला। महीनों से तय शादी को एक झटके में तोड़ दिया, क्योंकि वर पक्ष को कार की लालसा थी। मामला कोतवाली तक जा पहुंचा।

कोतवाली पट्टी क्षेत्र के महदहा गांव में एक घर में शनिवार को बरात आनी थी, लेकिन बरात से पहले कन्या पक्ष द्वारा चढ़ाई गई तिलक को गुरुवार को वर पक्ष द्वारकन्या के घर भेज दिया। तिलक वापस आने पर कन्या पक्ष में चल रहे विवाह गीत अचानक थम गए। खुशियां गम में बदलने लगीं। लोगों ने सामान लदी गाड़ी रोककर सामान वापस करने का कारण पूछा तो वर पक्ष के लोगों द्वारा चार पहिया वाहन की मांग रखते हुए मांग रखी गई। कहा कि मांग पूरी करने पर ही बरात आएगी।

इस पर कन्या पक्ष ने ऐसे घर में रिश्ता न करने की ठान ली। लोगों द्वारा पुलिस को तहरीर दी गई। कहा कि कार न मिलने के कारण जौनपुर के कमालपुर से आने वाली बरात वह लोग न लाने की बात कह रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शनिवार को वर-कन्या पक्ष के लोगों को थाने पर बुलवाया और मामले की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने समझाया तो भी बात न बन सकी। मामले में वरिष्ठ उप निरीक्षक सुरेश कुमार सैनी का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। जो दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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