संवाद सूत्र, रानीगंज : कोरोना के भय से अपने भी साथ छोड़ देते हैं। इसका उदाहरण दमदम क्षेत्र में उस समय देखने को मिला, जब सांस लेने में दिक्कत के चलते एक युवक की मौत हो गई। वह व्यक्ति शव को रास्ते में ही छोड़कर भाग निकला। आसपास के लोग भी दहशत में आ गए।

रानीगंज क्षेत्र के दमदम गांव का एक युवक 27 मई को मुंबई से लौटा था। होम क्वारंटाइन के दौरान उसकी तबीयत शनिवार को खराब हो गई। उसका रिश्तेदार मुंगराबादशाहपुर से आकर उसे एसआरएन ले गया। वहां से उसे प्रतापगढ़ जिला अस्पताल ले जाने को कहा गया। निजी वाहन से ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उक्त व्यक्ति को आशंका हुई कि युवक की जान कोरोना के चलते गई है। उसने घबराकर शव को एक निर्माणाधीन घर के पास दमदम में सड़क के किनारे छोड़ दिया और भाग निकला। मामले की जानकारी होने पर आसपास के लोग भी सतर्क हो गए। उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के कर्मियों को सूचना दी लेकिन रात में कोई नहीं आया। रविवार सुबह मेडिकल कर्मी वहां पहुंचे लेकिन पीपीई किट न होने की वजह से उन्होंने भी उसे हाथ नहीं लगाया। इस दौरान युवक के परिवार के लोगों को भी जानकारी दी गई लेकिन वे नहीं आए।

बात सांसद संगम लाल गुप्ता व रानीगंज विधायक धीरज ओझा तक पहुंची तो उन्होंने डीएम व सीएमओ को जानकारी दी। कुछ देर बाद मौके पर एसडीएम राहुल यादव, सीओ अतुल अंजान त्रिपाठी, एसओ संजय पांडेय, सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज मिश्रा पहुंचे। उन्होंने शव को वाहन पर रखवाया। इतना सब होने के बाद स्वजन भी आ गए। उन्होंने बताया कि युवक दमा का पुराना मरीज था। इसके बाद स्वजन व मेडिकल कर्मी शव को अंतिम संस्कार के लिए रसूलाबाद ले गए। सीएचसी अधीक्षक डॉ. पंकज ने बताया कि एहतियात के तौर पर युवक के संपर्क में आए पांच लोगों का सैंपल लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के स्वजनों ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार वह कोरोना संक्रमित नहीं था।

Posted By: Jagran

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