संवादसूत्र, प्रतापगढ़ : जिले में शनिवार की भोर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते तेज हवाओं के साथ बरसात हुई। इससे अगैती गेंहू, चना, मटर, सरसों की फसल धराशाई हो गई। हरी भरी फसल धराशाई होने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आगे भी बरसात होने के आसार हैं।

शुक्रवार की भोर में तेज हवाओं के साथ जमकर बरसात हुई। इससे तापमान में भी गिरावट आई। इसके बाद हवाओं का रुख बदला और धूप निकल आई। सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान प्रेक्षक देशराज मीना ने बताया कि कुल 17 मिमी बरसात रिकार्ड की गई है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बरसात हुई है। आगे भी होने के आसार हैं। न्यूनतम तापमान 16.5 व अधिकतम 23.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

कुंडा प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के राम गरीब, दिलीप कुमार, राम दुलारे पांडेय, श्रीराम हरिजन, राम दीन, राम प्रसाद प्रजापति, जगदेव प्रजापति, राम बहादुर सिंह समेत किसानों का कहना है कि अगर ऐसे ही मौसम बदलता रहा तो गेंहू की पैदावार पर काफी फर्क पड़ेगा। उडै़याडीह प्रतिनिधि के अनुसार तेज हवा के साथ बरसात होने से पट्टी तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में फसलों के लिए आफत बनकर आई। तेज हवा के साथ बारिश से गेंहू, चना, मटर, सरसों, आलू की फसल धराशाई होकर बरबाद हो गई। क्षेत्र के सांगा पट्टी, आशापुर, कठार, गोई, चौपई, शेखपुर, गजरिया, मोलनापुर, बडारी, उडै़याडीह, सिसौरा, उसीपुर, दुखियापुर, पूरेधना, सराय भवानी सहित गांवों में इसका असर दिखा। क्षेत्र के किसान रमाशंकर पांडेय, मनोज सिंह, विजय सिंह, रामाशंकर तिवारी, नीरज तिवारी, राम आसरे, हरिजन, रविद्र यादव, पप्पू यादव का कहना है कि शनिवार भोर तेज बारिश होने से अगैती अच्छी फसलों के लिए आफत बन कर आई और फसल का भारी नुकसान हुआ। बारिश व हवा ने उड़ाया गेहूं और आम का रंग

संसू, मंगरौरा : क्षेत्र में शनिवार को हुई बारिश व तेज हवा ने गेहूं व आम का रंग उड़ा दिया। हवा चलने से गेहूं के पौधे धराशाई हो गए और आम के बौर गिर गए। इससे पैदावार में कमी होगी। बारिश से गेहूं के पौधों की जड़े मुलायम हो गईं। पौधे जमीन पर गिर गए। इससे गेहूं पतला हो जयेगा तो पैदावार में कमी आ जाएगी। पूरेदेवजानी के विद्याधर तिवारी ने बताया बारिश व तेज हवा से उनकी फसल गिर गई, जिससे काफी नुकसान हो गया। यहीं के दयाशंकर तिवारी ने बताया तेज हवा चलने से गेहूं के पौधों की जड़ों को चोट पहुंचती है। मंगरौरा के ग्राम प्रधान बैजनाथ वर्मा ने बताया गेहूं की फसल में लगे फूल झड़ गए। जो फूल फल बन रहे थे, उनमें अब पूरी खुराक न मिलने की दशा में पैदावार घट जाएगी। आलू मटर की फसलों का हुआ नुकसान संवादसूत्र, रानीगंज : सप्ताह भर से मौसम में आए बदलाव ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बरसात से किसानों के सरसों व मटर की खेती चौपट हो रही है। इन दिनों किसानों के खेतों में सरसों और मटर की फसल पक कर तैयार है और किसान उसकी मड़ाई की व्यवस्था में जुटे हैं तो अब मौसम ने है रुख बदल दिया है। शनिवार को क्षेत्र में बारिश भी होने से किसानों के चेहरे के रंग उड़ गए हैं किसानों का कहना है कि इससे उनकी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।

Posted By: Jagran

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