प्रतापगढ़ : दिल्ली में वकीलों पर पुलिस द्वारा किए गए हमले के विरोध में अधिवक्ताओं ने सोमवार को कचहरी में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पट्टी में दीवानी न्यायालय खोलने की चल रही प्रक्रिया का भी विरोध जताया।

जूनियर बार एसोसिएशन के कार्यालय में सुबह हुई बैठक में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट के अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और गोलीकांड की निदा की गई। साथ ही जिले में अधिवक्ताओं पर हो रहे हमले पर आक्रोश व्यक्त किया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि अगवा किए गए अधिवक्ता अरुण मिश्रा का पांच दिन बाद पता न लगने और अधिवक्ता बसंत यादव पर हुआ हमला अधिवक्ताओं के उत्पीड़न का प्रमाण है।

अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष लीलाधर दुबे ने कहा कि सूबे में अधिवक्ताओं पर अधिक हमले हो रहे हैं, लेकिन शासन प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। अगर अधिवक्ताओं पर हमले नहीं रुके तो उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। बैठक में अधिवक्ताओं ने सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। इसके बाद अध्यक्ष लीलाधर दुबे और महामंत्री शेष बहादुर सिंह की अगुवाई में अधिवक्ता जुलूस की शक्ल में एडीजे प्रथम की अदालत में गए और उन्हें जिला जज को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उपाध्यक्ष विद्यासागर शुक्ल, अवनीश पांडेय, विभा पांडेय, जय प्रकाश दुबे, अनूप शुक्ल, संजय पांडेय, अत्रि पांडेय, अलख पांडेय, विनोद मिश्र, मनीष सिंह, जय प्रकाश दुबे, अंजनी सिंह, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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