प्रतापगढ़ : जिले भर के पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर खरीद की मॉनीटरिग करने के लिए तहसीलवार एडीसीओ तैनात किए गए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि केंद्रों पर खरीद की मॉनीटरिग करें। जहां अव्यवस्था हो, उसे तत्काल दुरुस्त कराएं। हालांकि सहकारिता अफसर मॉनीटरिग में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे अफसरों पर जल्द ही जिला प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी में है।

जिले में पीसीएफ के 26 क्रय केंद्र खोले गए हैं। अभी भी तमाम केंद्रों पर बोरे व पैसे की किल्लत बनी हुई है। खास बात यह है कि किन केंद्रों पर इस तरह की दिक्कतें आ रही हैं, इसकी जानकारी एडीसीओ को नहीं है। ऐसे तहसीलवार पांच सहकारिता अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी चल रही है। पीसीएफ के केंद्रों पर बोरे व पैसे न होने पर विभाग के जिला प्रबंधक मोनिक सिंह अकेला की भी लापरवाही सामने आ रही है। केंद्रों पर सब व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी इनकी होती है। डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह ने बताया कि क्रय केंद्रों की मॉनीटरिग के लिए तहसीलवार एडीसीओ की ड्यूटी लगाई गई है। वह लापरवाही बरत रहे हैं। केंद्रों पर नहीं जाते हैं। ऐसे अफसरों पर जल्द कार्रवाई होगी। 18 हजार 877 गाटे का सत्यापन लंबित :

किसानों के पंजीयन का सत्यापन करने में लेखपाल लापरवाही बरत रहे हैं। जिले भर की पांचों तहसीलों में कुल 18 हजार 877 गाटे का सत्यापन नहीं हो सका। इसमें लालगंज तहसील के दो हजार 110, कुंडा में पांच हजार 750, सदर के एक हजार 812, पट्टी के छह हजार 317 व रानीगंज के दो हजार 888 गाटे का सत्यापन लंबित है। इसमें लेखपालों की लापरवाही सामने आ रही है। सत्यापन न होने से किसान धान का बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। कार्रवाई की जद में विपणन निरीक्षक

: विपणन केंद्र संडवा चंद्रिका की निरीक्षक अरुणा उपाध्याय की कार्यशैली से विभागीय अफसर खफा हैं। शनिवार को डिप्टी आरएमओ के औचक निरीक्षण में काफी कमियां सामने नजर आई। डिप्टी आरएमओ धनंजय सिंह ने बताया कि निरीक्षक द्वारा राशन की बोरियों की स्टैंपिग नहीं कराई गई थी। बोरियों में 10 प्रतिशत कम राशन भरा जा रहा है। निरीक्षक व कोटेदार की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। हालांकि मौके पर ही कोटेदार को नोटिस दी गई। निरीक्षक को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई चल रही है।

Posted By: Jagran

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