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प्रतापगढ़ में बनेगा उत्तर प्रदेश का पहला तलवारबाजी और दूसरा ताइक्वांडो हॉल, खेलमंत्री ने दी सहमति

Published: Wed, 26 Aug 2026 04:21 PM (IST)

प्रतापगढ़ में प्रदेश का पहला तलवारबाजी मल्टी पर्पज हॉल और लखनऊ के बाद दूसरा ताइक्वांडो हॉल बनेगा। छह करोड़ रुपये ...और पढ़ें

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HighLights

  1. प्रतापगढ़ में बनेगा प्रदेश का पहला तलवारबाजी मल्टी पर्पज हॉल।

  2. लखनऊ के बाद दूसरा ताइक्वांडो हॉल भी होगा निर्मित।

  3. छह करोड़ की परियोजना को खेल मंत्री की मिली सहमति।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। प्रतापगढ़ में भी खेल सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में बेल्हा में प्रदेश का पहला तलवारबाजी मल्टी पर्पज हाल बनने जा रहा है। इसके साथ ही ताइक्वांडो हाल भी बनेगा।

यह लखनऊ के बाद दूसरा हाल होगा। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में नया आफिस बनाने के साथ ओपन हाल भी बनाया जाएगा। इसके लिए छह करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया है। खेल मंत्री और खेल सचिव ने इस प्रोजेक्ट को सहमति दे दी गई है। जल्द ही स्वीकृति भी मिल जाएगी।

छह एकड़ में बने जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो पालियों में लगभग चार सौ खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। वह ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, तलवारबाजी, कुश्ती, फुटबाल, क्रिकेट, हैंडबाल और हाकी का प्रशिक्षण लेते हैं।

पिछले कई सालों से स्टेडियम को विस्तार देने की कवायद चल रही है। मगर किन्हीं कारणों से यह धरातल पर उतर नहीं पा रही है। इसके साथ ही अब स्टेडियम में तलवारबाजी मल्टी पर्पज बनने जा रहा है। प्रथम तल पर इसका हाल रहेगा।

इसके ऊपर ताइक्वांडो हाल बनेगा। यह हाल 24 गुना 15 मीटर का रहेगा। इसको आल वेटर बनाया जाएगा। इसके अलावा नए आफिस की बिल्डिंग भी बनेगी। भूतल पर ओपन हाल रहेगा।

प्रथम तल पर आफिस और दूसरे तल पर मीटिंग हाल रहेगा। दोनों इमारत को बनाने के लिए शासन द्वारा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।

उप क्रीड़ा अधिकारी रंजीत यादव ने बताया कि स्टेडियम में तलवारबाजी मल्टी पर्पज हाल, ताइक्वांडो हाल और नया आफिस बनाने की कवायद चल रही है। इसके लिए खेलमंत्री और खेल सचिव की सहमति मिल गई है।

स्टेडियम विस्तार की पुन: कवायद

पिछले चार साल से स्टेडियम को विस्तार देने की कवायद चल रही है। मगर स्टेडियम के बगल की कृषि विभाग की जमीन सरकारी पेच के कारण मिल नहीं पा रही है।

छह महीने पहले तत्कालीन जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी के द्वारा इसके लिए प्रयास किया गया था, मगर इसको लेकर शासन स्तर से सहमति नहीं बन पाई है।

इसके लिए पुन: एक बार फिर प्रयास किया गया है। स्टेडियम विस्तार के साथ यहां पर स्वीमिंग पूल, फुटबाल ग्राउंड की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए सदर विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य भी लगे हुए हैं। यह मामला मुख्यमंत्री तक भी जा चुका है।

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