कुंडा सड़क हादसा: मनौती पूरी होने की खुशी मातम में बदल गई, एक झटके में अनाथ हुए नौ मासूम
नवरात्र की मनौती पूरी होने की खुशी मातम में बदल गई, जब कुंडा में डंपर की टक्कर से नोखे लाल, उनकी बहन रीता और बहनोई हैदर की मौत हो गई।

हादसे में परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। जागरण
HighLights
कुंडा में डंपर-बाइक टक्कर से तीन की मौत।
नोखे लाल, बहन रीता, बहनोई हैदर ने गंवाई जान।
हादसे में नौ बच्चे हुए अनाथ, परिवार तबाह।
विद्याचरण मिश्र 'मुन्ना', कुंडा। नवरात्र में मां दुर्गा की मनौती पूरी होने पर घर में खुशियां थीं। नोखे लाल ने नवमी के दिन मां के दरबार में मत्था टेका था। इस खुशी में उसने अपनी बहन रीता और बहनोई हैदर को भी बुलाया था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही समय बाद खुशियों से भरे इस परिवार पर ऐसा दु:ख टूट पड़ेगा, जो जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा। डंपर की टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के टुकड़े दूर-दूर तक फैले हुए थे। बुधवार को सड़क हादसे में नोखे लाल, उसकी बहन रीता और बहनोई हैदर की मौत ने दो परिवारों को उजाड़ दिया।
पशुओं की खरीद-बिक्री कर चलता था घर
गयासपुर निवासी नोखे लाल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह घूम-घूमकर मांगने और पशुओं की खरीद-बिक्री कर किसी तरह परिवार का पेट पालता था। पत्नी सोनम और पांच बच्चों की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। हादसे के समय सोनम मायके गई हुई थी। पति की मौत की खबर मिली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अब उसके सामने पांच बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाने की बड़ी चुनौती है।
पिता की मौत से पवन, लकी, शिवम, सानिया और सनी के सिर से सहारे का साया उठ गया। उधर, रीता और हैदर की मौत से उनके चार बच्चों आकाश, लवकुश, राज और पूनम की दुनिया भी उजड़ गई। जिन माता-पिता के स्नेह और सहारे में बच्चों का बचपन बीत रहा था, वे एक ही हादसे में उनसे बिछड़ गए।
मां दुर्गा के दरबार में बकरा चढ़ाया था
स्वजन ने बताया कि मनौती पूरी होने पर नोखे लाल ने नवरात्र की नवमी को मां दुर्गा के दरबार में बकरा चढ़ाया था। इस आयोजन में शामिल होने रीता अपने पति हैदर और बेटी पूनम के साथ आई थी। धार्मिक कार्यक्रम के बाद नोखे लाल अपनी बहन, बहनोई और पांच वर्षीय बेटे शिवम के साथ बाइक से प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र स्थित बांका जलालपुर जा रहा था।
इसी दौरान बाघराय थाना क्षेत्र में चामुंडा नहर के पास अनियंत्रित डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई, जबकि मासूम शिवम गंभीर रूप से घायल हो गया। एक ओर मनौती पूरी होने की खुशी थी, तो दूसरी ओर कुछ ही पलों में मातम छा गया।
गयासपुर में तीन मौतों की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब अपनों को खोने का गम है। हादसे ने दोनों परिवारों के सामने आर्थिक संकट के साथ बच्चों की परवरिश और भविष्य की चिंता भी खड़ी कर दी है।
