यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pratapgarh: बिना तलाक के निकाह कराने के मामले में काजी समेत सात पर मुकदमा, न्यायालय में विचाराधीन है मामला
Pratapgarh News उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में फर्जी तलाक और फिर निकाह के मामले में काजी समेत सात लोगों ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, कुंडा : उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में फर्जी तलाक और फिर निकाह के मामले में काजी समेत सात लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। काजी पर आरोप है की चंद पैसों की लालच में उन्होंने एक शादीशुदा महिला का बगैर तलाक का फतवा जारी कर निकाह करा दिया। ऐसे में अब काजी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कुंडा के बरई गांव निवासी अब्दुल महफूज फारूकी पुत्र मो. ईशा फारूकी ने आरोप लगाया कि उसका निकाह 17 अक्टूबर 2009 को कहकशा बानों पुत्री सिराजुद्दीन निवासी गयासपुर के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों में किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो पत्नी ने मुकदमा दर्ज करा दिया। मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोप है कि 28 जुलाई 2022 को उसके ससुर व साले ने शेखपुर आशिक गांव निवासी काजी फहीम अख्तर पुत्र वकील फारूकी से मिलकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से तलाक का फतवा जारी करवाकर 25 मई 2023 को उसकी पत्नी का दूसरा निकाह करा दिया।
उधर, काजी के फतवे को लेकर महफूज प्रयागराज के काजी शफीक अहमद शरीफी के पास पहुंचा। उन्हें मामले से अवगत कराया। उन्होंने काजी प्रतापगढ़ फहीम अख्तर को कौम से माफी मांगने का फतवा जारी किया।
इधर अब्दुल महफूज की तहरीर पर पुलिस ने काजी फहीम अख्तर, कहकसा बानों पुत्री सिराजुद्दीन, सिराजुद्दीन, नौशाद, इरशाद खान, पुत्रगण सिराजुद्दीन, मो. मोईन पुत्र वजीउल्ला, मो. जैद पुत्र इश्तियाक अहमद निवासी गयासपुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया। कुंडा कोतवाल कमलेश पाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
