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मिनी नंदिनी योजना से स्वदेशी गोपालन को बढ़ावा, लॉटरी सिस्टम से होगा पात्र लाभार्थियों का चयन

Published: Wed, 19 Aug 2026 11:12 PM (IST)

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रतापगढ़ में स्वदेशी गोपालन को बढ़ावा देने के लिए 10-10 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित की जा रही है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. स्वदेशी गोपालन को बढ़ावा देने के लिए योजना।

  2. 10 गायों की डेयरी यूनिट पर 50% अनुदान।

  3. प्रतापगढ़ में 6 लक्ष्य के विरुद्ध 352 आवेदन।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। स्वदेशी गो पालन को बढ़ावा देने और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की गई है। इसके तहत 10-10 गायों की क्षमता वाली डेयरी यूनिट स्थापित की जानी है।

इसमें गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों को ही पाला जाएगा। लक्ष्य छह के सापेक्ष कुल 352 दावेदारों ने आवेदन किया है। पात्रता की जांच के बाद लाभ मिलेगा।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत स्वदेशी गाय के पालन को बढ़ावा देना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में छह लाभार्थियों को योजना से लाभान्वित किया जाना है। इसमें तीन पुरुष और तीन महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।

योजना में एक डेयरी यूनिट की कुल लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें शासन द्वारा 50 प्रतिशत यानी 11. 80 लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। योजना में 22 जून से आवेदन होना शुरू हुआ। अंतिम तिथि 31 जुलाई तक कुल 352 आवेदन हुए हैं। सत्यापन में देरी होने से 11 अगस्त को होने वाली लाटरी टल गई।

जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी योजना का लाभ लॉटरी सिस्टम से होगा। डिप्टी सीवीओ सुशील कुमार ने बताया कि मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में लक्ष्य छह के सापेक्ष 352 आवेदन आए हैं। पात्रता की जांच हो रही है। इसके बाद लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन होगा।

तीन साल का हो अनुभव

इस योजना के तहत लाभार्थी काे कम से कम तीन साल का गोपालन का अनुभव होना चाहिए। इसका प्रमाण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा सत्यापित हो। गाय प्रथम या द्वितीय ब्यात की हो और ब्यात (दो बार प्रसव हुआ हो) 45 दिन से अधिक पुरानी न हो। गाय का ईयर टैग और बीमा कराना अनिवार्य है।