प्रतापगढ़ में SDM की बेटी को लगा दिया एक्सपायरी इंजेक्शन, दो फार्मासिस्ट सस्पेंड
प्रतापगढ़ के लालगंज सीएचसी में एसडीएम की बेटी को एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने का गंभीर मामला सामने आया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
एसडीएम की बेटी को लालगंज सीएचसी में लगा एक्सपायरी इंजेक्शन।
लापरवाही के आरोप में दो फार्मासिस्ट तत्काल प्रभाव से निलंबित।
सीएमओ ने स्टोर सील कर विभागीय जांच के आदेश दिए।
संवाद सूत्र, प्रतापगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लालगंज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीर लापरवाही किए जाने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह की आठ साल की बेटी को ही एक्सपायरी इंजेक्शन लगा दिया।
गनीमत रही कि इससे उस पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। मगर मामला एसडीएम से जुड़ा होने के कारण सीएमओ ने दो फार्मासिस्टों को निलंबित कर दिया। इसके अलावा इसकी विभागीय जांच भी की जा रही है।
एसडीएम लालगंज वाचस्पति सिंह की आठ साल की बेटी श्रेयसी सिंह को बुखार आने पर शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज ले जाया गया। वहां पर ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट ने एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन लगा दिया। इसकी एक्सपायरी जून, 2026 थी।
यह देख एसडीएम वाचस्पति सिंह ने मामले की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से करते हुए जिलाधिकारी को भी इससे अवगत कराया। एसडीएम ने कहा कि जब उनकी बेटी के साथ इलाज में इस तरह की लापरवाही की गई, तो सामान्य तौर पर आने वाले मरीजों के साथ क्या होता होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएचसी लालगंज पहुंच कर स्टोर को सील करा दिया तथा स्टोर प्रभारी फार्मासिस्ट अरविंद कुमार शुक्ला और फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों को निलंबन अवधि में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
निलंबन आदेश के अनुसार स्टोर प्रभारी अरविंद कुमार शुक्ला के स्टोर से एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन निर्गत किया था। आरोप है कि इसके बाद ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे ने इंजेक्शन की एक्सपायरी तिथि की जांच किए बिना एसडीएम लालगंज की बेटी को लगा दिया। सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने बताया कि देव कुमार दुबे व अरविंद कुमार शुक्ला को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। स्टोर काे सील करा दिया गया है।
उठे सवाल, आखिर स्टोर में कहां से आया एक्सपायरी इंजेक्शन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में एसडीएम की बेटी को एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन लगाए जाने के मामले में दो फार्मासिस्टों के निलंबन के बाद अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक्सपायरी इंजेक्शन अस्पताल के स्टोर तक पहुंचा कैसे?
क्या यह इंजेक्शन प्रतापगढ़ स्थित ड्रग वेयरहाउस से सीएचसी को आपूर्ति की गई दवाओं में शामिल था या फिर अस्पताल स्तर पर ही इसकी निगरानी में लापरवाही हुई? इसका जवाब विभागीय जांच में ही सामने आएगा। अस्पताल में दवाओं के रख-रखाव और वितरण की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है।
ऐसे में एक्सपायरी दवा स्टोर में मौजूद मिलना और उसके बाद मरीज को लगा दिया जाना व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। अब यह जांच का विषय है कि इंजेक्शन की एक्सपायरी तिथि कब हुई, स्टोर में इसकी पहचान क्यों नहीं हो सकी और दवा को उपयोग के लिए निर्गत किस स्तर पर किया गया।
हालांकि सीएचसी लालगंज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद गुप्ता का कहना है कि एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने के बावजूद संबंधित बच्ची पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा। इसके बावजूद दवा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर बरती गई लापरवाही को गंभीर माना जा रहा है।
