प्रतापगढ़ में कफ सीरप का स्टाक छिपाने व दुकान का पता बदलने की जांच शुरू, मेडिकल स्टोर संचालक जांच के दायरे में
प्रतापगढ़ में कोडीन युक्त कफ सिरप के रैकेट की जांच तेजी से हो रही है। एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा स्टॉक छिपाने और दुकान का पता बदलने के मामले में जांच शुरू हो गई है। औषधि निरीक्षक ने कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कराया था। मेडिकल स्टोर संचालक पर स्टॉक सत्यापन न कराने और दुरुपयोग की आशंका के चलते जांच की जा रही है। गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद हो सकता है।

प्रतापगढ़ कफ सीरप का स्टाक छिपाने पर मेडिकल स्टोर संचालक भी जांच के दायरे में आए हैं।
जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। कोडीन युक्त कफ सीरप के रैकेट की जांच बड़े पैमाने पर देश के कई हिस्से में हो रही है। प्रतापगढ़ के एक मेडिकल स्टोर संचालक को इसका स्टाक सत्यापन न कराने पर जांच के दायरे में लिया गया है। उसने दुकान पर बेचने के लिए खरीदने के बाद उसके स्टाक को छिपाया, यानी सत्यापन नहीं कराया। इस पर इसके दुरुपयोग की आशंका पैदा हो गई।
मोहनगंज के पूरे खुशई कोतवाली देहात में है मेडिकल स्टोर
मोहनगंज के पूरे खुशई कोतवाली देहात में मनोज कुमार सिंह ने कुछ साल पहले मेडिकल स्टोर खोला था। इसी दुकान के पते पर उन्होंने काफी मात्रा में कफ सीरप खरीदा था। इसके गैरचिकित्सीय उपयोग की आशंका पर औषधि निरीक्षक प्रतापगढ़ शिवनायक सिंह ने 11 नवंबर को कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कराया था।
संचालक ने अन्यत्र दुकान खोली, विभाग को नहीं दी जानकारी
विभागीय लोगों ने बताया था की मेडिकल स्टोर संचालक ने अपनी दुकान सुलतानपुर में खोल ली और पता बदलने की जानकारी विभाग को नहीं दी। कोडीन युक्त सीरप के स्टाक का सत्यापन भी नहीं कराया कि वह किस डाक्टर के पर्चे पर लिखने पर किस मरीज को बेचा गया। इस प्रकरण की जांच भी बहुचर्चित सीरप कांड की कड़ी में एसटीएफ को मिली है। टीम ने गुपचुप आकर क्लू जुटाना शुरू कर दिया है।
गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद हो सकता है
इस संबंध में प्रतापगढ़ के औषधि निरीक्षक शिव नायक का कहना है कि इस प्रकरण की जांच की जा रही है। सीरप के उपयोग-दुरुपयोग को परखा जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस रद करने की भी कार्रवाई हो सकती है।

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