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प्रतापगढ़ में बकुलाही नदी का पुल डूबा, पानी से गुजरी शव यात्रा, ग्रामीणों ने की नए पुल की मांग

Published: Sun, 23 Aug 2026 01:14 PM (IST)

प्रतापगढ़ में बकुलाही नदी पर बना पुराना पैदल पुल बरसात के पानी में डूब गया है, जिससे लोगों को बाजार, अस्पताल और स्कूल जाने में भारी दिक्कत हो रही है।

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HighLights

  1. बकुलाही नदी का पुराना पुल बरसात में पानी में डूबा।

  2. शव यात्रा पानी से गुजरी, वीडियो हुआ वायरल।

  3. ग्रामीणों ने जर्जर पुल की जगह नए पुल की मांग।

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। बकुलाही नदी पर बना पैदल पक्का पुराना पुल बरसात से बढ़े पानी में डूब गया है। इस वजह से लोगों को बाजार, अस्पताल व स्कूल जाने-आने में दिक्कत हो रही है। इस बीच पानी भरे पुल से होकर शव यात्रा ले जाने का वीडियाे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया। मामला मानधाता ब्लाक के हैंसी परजी और शिवरा गांव की सीमा का है।

बकुलाही नदी पर बना वर्षों पुराना पुल ग्रामीणों के लिए खतरनाक हो गया है। मुख्य सड़क से 10 फीट नीचे स्थित यह पुल जर्जर हो चुका है और हल्की बारिश में ही डूब जाता है। यह दिखता ही नहीं।

ऐसे में लोग जान हथेली पर रखकर इससे होकर नदी पार करते हैं। गांव के लोगों ने व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी शुक्रवार को प्रार्थना पत्र देकर इस जर्जर पुल को ध्वस्त कराकर नया पुल बनवाए जाने की मांग की।

पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि यह मार्ग क्षेत्र के विद्यालय, अस्पताल और मुख्य बाजार तक पहुंचने का एकमात्र प्रमुख रास्ता है। हाल ही में 18 अगस्त को शिवरा गांव के निवासी युवा अमित कुमार मौर्य के निधन के बाद पुल जलमग्न होने के कारण शव यात्रा निकालने में भारी कठिनाई हुई।

परिवार और ग्रामीणों को घंटों पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा, लेकिन जलस्तर बढ़ता देख मजबूरी में जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से ही शव यात्रा निकालनी पड़ी। इसका वीडियो चर्चा में आ गया (हालांकि दैनिक जागरण ऐसे किसी वीडियो व उसके तथ्यों की पुष्टि नहीं करता)।

हजारों की आबादी के लिए उपयोगी

यह पुल आठ हजार से अधिक की आबादी के लिए बड़े काम का है। उनको बाजार से जाड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की दयनीय स्थिति से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जनहित में जल्द से जल्द पुराने जर्जर पुल को ध्वस्त कर नए पुल के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।

पुल वर्तमान में अत्यधिक वर्षा से नदी में बढ़े पानी के कारण डूबा है। पुल का तकनीकी निरीक्षण कराया जा रहा है। यदि पुल एवं एबटमेंट (आधार) सही पाए जाते हैं तो आवश्यकतानुसार केवल स्लैब ऊंचा कराया जाएगा। जर्जर स्थिति पाए जाने पर दूसरा बनेगा। बरसात के बाद ही तकनीकी जांच हो सकेगी।

-आशुतोष सारस्वत अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड दो