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प्रतापगढ़ में छह वर्षीय बालिका से दरिंदगी, तीन नाबालिगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म; आरोपित पुलिस हिरासत में

By Rahul Pandey Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 24 May 2026 06:23 PM (GMT+05:30)

प्रतापगढ़ में छह वर्षीय बच्ची के साथ तीन नाबालिगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपितों ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ में सनसनीखेज घटना, छह वर्षीय बालिका से सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

प्रतापगढ़ में सनसनीखेज घटना, छह वर्षीय बालिका से सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

HighLights

  1. आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

  2. पीड़ित केजी की छात्रा को इलाज के लिए भेजा अस्पताल

संसू, जागरण, सांगीपुर (प्रतापगढ़)। छह वर्ष की बच्ची के साथ गांव के ही नाबालिगों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। घटना की जानकारी होने पर हर कोई यह सोचने पर विवश हो गया कि समाज किस रास्ते पर जा रहा है। बच्चों की सोच इतनी विकृत कैसे हो रही है। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है। पुलिस ने रविवार को सामूहिक दुष्कर्म व पाक्सो का केस दर्ज कर आरोपितों को हिरासत में ले लिया। उन्हें कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। 

उदयपुर थाना क्षेत्र की घटना 

उदयपुर थाने के एक गांव की यह घटना है। गांव निवासी व्यक्ति का आरोप है कि 23 मई को दोपहर करीब तीन बजे उसकी छह वर्षीय पुत्री गांव के बाग में खेलने गई थी। इसी बीच गांव के तीन बालक उसे मिले। एक की उम्र महज 11 व अन्य दो की उम्र 12-12 वर्ष है। तीनों ने लड़की को बाग में स्थित एक अर्धनिर्मित मकान के बने शौचालय में ले गए। वहां सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।

पुत्री की तबीयत बिगड़ी तो पता चला

घटना के समय पीड़ित परिवार गांव के एक निमंत्रण में गया था। वहां से वापस लौटने पर रात में पुत्री की तबीयत खराब थी। पिता ने इसका कारण पूछा तो उसने घटना की बात बताई। यह सुनकर पीड़ित पिता व परिवार के सदस्य सन्न रह गए। पीड़िता को इलाज के लिए सीएचसी सांगीपुर ले आए और पुलिस को सूचना दी। पीड़ित बच्ची केजी की छात्रा है।

क्या बोले थाना प्रभारी प्रशिक्षु आइपीएस?

थाना उदयपुर प्रभारी प्रशिक्षु आइपीएस मो. आफताब आलम का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों बाल अपचारी को गिरफ्तार किया गया है। उनको कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।

सोच चिंताजनक, अभिभावक रहें सजग

काफी हद तक मोबाइल के दुष्प्रभाव के कारण ये स्थिति आई है। माता-पिता का सही देखभाल न करना भी कारण है। माता-पिता बच्चों की सुख सुविधा का ध्यान तो देते हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों को नजर अंदाज करते हैं। पीबीपीजी कालेज सिटी के मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष दिनेश कुमार का कहना है कि बच्चों को लेकर प्रत्येक अभिभावक को सजग रहने की आवश्यकता है। खासकर मोबाइल से उनकी दोस्ती कम करनी होगी।

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