प्रतापगढ़ : राज्यपाल के आने की तैयारी को लेकर शहर की सूरत और सड़कों की दशा बदलने की कवायद शुक्रवार को जारी रही। दिन में रोडवेज बस अड्डे के सामने अतिक्रमण अभियान चला और देर शाम तक जारी रहा। हालांकि सड़क की पटरी से हटाए गए तो कुछ दुकानदारों ने डीएम आवास से सटी गली में अपनी दुकानें रख दीं, नगर पालिका दस्ते की नजर वहां नहीं पड़ी। नगर पालिका की गैंग लेकर आंबेडकर चौराहे से मीरा भवन तक अतिक्रमण हटवाया गया। होर्डिंग, बैनर, बोर्ड उखाड़ दिए गए और सफाई कर्मियों की टीम लगाकर झाड़ू लगवाई।

बस स्टेशन के सामने टेढ़े हुए पेड़ को काटने का आदेश दिया गया। कांग्रेस कार्यालय के आसपास लगी बड़ी-छोटी होर्डिंग, बैनर हटाए गए। दुकानों के साइन बोर्ड उखाड़े गए। रोडवेज बस स्टेशन परिसर को भी साफ कराया गया। डीएम मार्कंडेय शाही नए बने स्टेशन भवन में स्टाफ के वाहनों की पार्किंग देख नाराज हुए। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक एमआर भारती को बुलाकर कहा कि यात्रियों के बैठने की जगह से पार्किंग हटवाएं। यह नया बस स्टेशन है तो नया जैसा दिखना चाहिए। डीएम आवास की ओर जाने वाले रोड पर लोहे के टेढ़े हो चुके लोहे के एंगल को फिर से लगवाने को ईओ को निर्देशित किया गया। यह भी कहा कि ऐसा एंगल लगाएं कि उस पार केवल बाइक जाने का ही रास्ता रहे।

इसके बाद एडीएम शत्रोहन वैश्य, एसडीएम विजय पाल सिंह, सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय और नगर पालिका के ईओ मुदित सिंह से कहा कि वह आंबेडकर चौराहे से मीरा भवन तक का पूरा रोड क्लियर कराएं। किसी के साथ नरमी ना बरतें। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दें व न मानने पर उनका सामान जब्त करें।

ऐसा ही रहे तो ठीक : प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने से थोड़ी ही देर में रोडवेज बस स्टेशन खुली हवा में सांस लेने लगा। सड़क चौड़ी होने से आवागमन सुचारु हो गया, लेकिन यहां सवाल यह भी है कि इस सख्ती का असर भला कितने दिन रह सकेगा। रोडवेज के आसपास के दुकानदार सड़क तक सामान व दुकान फैलाए रहते हैं। उसी में बस खड़ी हो जाती है तो जाम लगना तय हो जाता है।

Posted By: Jagran

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