प्रतापगढ़ : एसबीआइ को छोड़कर अन्य बैंकों के ताले मंगलवार को नहीं खुले। इससे करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। कर्मचारियों ने पंजाब नेशनल बैंक के सामने छह सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।

ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन एवं बैंक एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मचारी संगठन के पूर्व घोषणा के अनुसार मंगलवार को स्टेट बैंक व प्राइवेट बैंक को छोड़कर अन्य बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण सुबह से ही बैकों के ताले नहीं खुले। इससे करोड़ों का लेनदेन नहीं हो सका। पंजाब नेशनल बैंक के सामने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि बैंकों के विलय को रोका जाए। दंडात्मक शुल्क व सेवा प्रभावों में वृद्धि करके ग्राहकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। खाली चल रहे पदों पर भर्तियां नहीं की जा रही हैं, इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। इस दौरान कामरेड हेमंत नंदन ओझा ने हड़ताल का समर्थन करते हुए बैंकों के विलय को जनविरोधी बताया। इस मौके पर इलाहाबाद बैंक के सच्चिदानंद पांडेय, केदारनाथ यादव, रामराज तिवारी, श्याम शंकर दुबे, रामदेव, अनिल, सौरभ महेंद्रा, मनोहर, मोहम्मद कयूम, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्याम शंकर दुबे ने की। पट्टी प्रतिनिधि के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र में बैंकों के विलय और जमा राशि पर ब्याज दर घटाने के विरोध में मंगलवार को कई बैंकों में हड़ताल रही। एलडीएम अनिल कुमार ने बताया कि बैंकों की हड़ताल से लगभग पांच करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ है। क्लीयरिग का कार्य भी नहीं हो सका।

खुले रहे स्टेट बैंक व ग्रामीण बैंक : विभन्न समस्याओं को लेकर जहां बैंक आफ बड़ौदा, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक में हड़ताल रही, वहीं कई बैंक मंगलवार को खुले रहे। भारतीय स्टेट बैंक व बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक में कामकाज हुआ। बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक केशव राम ने बताया कि जिले में बैंक 97 शाखाएं हैं। मंगलवार को सभी शाखाएं खुली रहीं और कामकाज हुआ।

Posted By: Jagran

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