संसू, विश्वनाथगंज : अयोध्या से चलकर श्री भरत यात्रा लगभग 200 भक्तों के साथ शनिवार को शनिदेव मंदिर पहुंची। यहां संतों का महंत ने स्वागत किया। यात्रा के अध्यक्ष कमल नयन दास जी महाराज ने कहा कि 14 कोसी परिक्रमा के अंदर मस्जिद का निर्माण नहीं होना चाहिए। महंत नृत्य गोपाल दास के भक्तों की इच्छा है कि मंदिर का शिलान्यास रामनवमी के दिन हो। मस्जिद बने तो परिक्रमा मार्ग के बाहर बने और देशभक्त पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के नाम से बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में लगभग 20 हजार मंदिर हैं। अयोध्या धरती का स्वर्ग है। इसका वर्णन करना देवताओं के बस की बात नहीं है। यहां परम ब्रह्मा ने स्वयं जन्म लिया था। यहां से दिन में लगभग दो बजे साधु संतों का काफिला श्रृंगवेरपुर को रवाना हो गया। वहां से कल सुबह प्रयागराज संगम की ओर रवाना होगा। मंगलवार को यह यात्रा चित्रकूट पहुंचेगी। शनिदेव धाम के महंत परमा महाराज ने सभी संतों को दक्षिणा देकर विदा किया। इस दौरान महंत रामशरण दास जी रामायणी, श्री बजरंग दास, राम गोपाल दास,मणिाराम दास जी आदि रहे।

Posted By: Jagran

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