जासं, प्रतापगढ़ : राजस्थान प्रदेश से मथुरा, आगरा एवं झांसी जिलों में टिड्डी दलों का प्रवेश हो चुका है। ऐसे में पड़ोसी जिलों की ओर टिड्डी दलों की बढ़ने की संभावना है। टिड्डी दल के प्रकोप को ध्यान में रखते हुये जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। लॉकडाउन के बीच तमाम समस्यायों से जूझ रहे किसान बंधुओं के सामने अब नई परेशानी ने दस्तक दी है। अभी प्रतापगढ़ में टिड्डी दल का कोई असर नहीं है। हालंकि झांसी के ओरछा तक आने की सूचना मिली है। इस कारण सर्तकता आवश्यक है।

जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने किसानों से अपील की है कि टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना मिलते ही वह अपने विकास खंड के कृषि रक्षा ईकाई प्रभारी या जिला कृषि रक्षा अधिकारी को सूचित करें। टिड्डी दल के आक्रमण की दशा में क्षेत्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र लखनऊ के दूरभाष नम्बर- 0522-2732063 पर सूचना दें। टिड्डी दल एक दिवस में 100 से 150 किमी तक उड़ने की क्षमता रखते हैं। यह हरी फसलों हरी सब्जी की फसलों के बगीचे में एक साथ झुंड के रुप में बैठकर पत्तियों को खाकर नष्ट कर देते हैं। यह टिड्डी दल लगभग सायं छह बजे तक उड़ान भरती हैं, उसके बाद पत्तों पर बैठती है। सुबह सात बजे से पुन: उड़ान भरती हैं। ऐसे समय में विशेष निगरानी की आवश्यकता है। टिड्डी दल आक्रमण के समय धुओं करके, थाली, डोल या टिन के डिब्बे पीटकर भी भगाया जा सकता हैं। इसके रासायनिक नियंत्रण क्लोरोपायरीफास 500 ई.सी. या डेल्टामेथीन 28 प्रति ई.सी. या लैम्बडासायहैलोथ्रिन 05 प्रति ई.सी. या प्रियोनिल 05 प्रति ई.सी. या मैलाथियान 50प्रति ई.सी. की एक मिली दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर या क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रति ईसी अथवा क्यूनालफॉस 25 प्रति ईसी की 25 मिली दवा प्रति लीटर पानी में घोलकर हाई वैल्यूम स्प्रेयर से छिड़काव करने पर नुकसान से बचा जा सकता है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस