प्रतापगढ़ (जागरण संवाददाता)। मायावती शासनकाल में जब्त किए गए राजा उदय प्रताप सिंह के एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले हीरे जवाहरात मंगलवार को कोषागार से रिलीज कर दिए गए। राजा उदय सिंह ने खुद ट्रेजरी ऑफिस पहुंचकर एसडीएम कुंडा से इन्हें प्राप्त किया। हथिगवां पुलिस ने 26 जनवरी 2003 को राजा उदय प्रताप सिंह के भदरी महल के बगल स्थित बाग में गाड़ा गया हीरे जवाहरात बरामद करने का दावा किया था।

पुलिस ने हथिगवां थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा कायम किया था। हीरे जवाहरात को ट्रेजरी ऑफिस के डबल लॉक में रखा गया था। जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई के दौरान राजा उदय प्रताप सिंह की ओर से कहा गया कि यह हीरे जवाहरात उनके महल से पुलिस उठा ले गई थी। यह उनके पूर्वजों के अलावा उनकी पत्नी मंजुल राजे और पुत्रवधू भानवी सिंह पत्नी रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया के विवाह में उपहार स्वरूप मिला था।

तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट आरएस वर्मा ने 11 फरवरी 2004 को राजा उदय प्रताप सिंह को रिलीज करने का आदेश किया था। कुछ समय बाद मालियत आंकने के लिए मामला आयकर विभाग को सौंप दिया गया। साल भर पहले आयकर विभाग ने सभी वस्तुओं की कीमत 1,07,55,272 रुपये से अधिक आंकी थी। बीती 21 दिसंबर 17 को डीएम शंभु कुमार ने हीरे जेवरात को रिलीज करने का आदेश दिया।

इसी क्रम में मंगलवार दोपहर एसडीएम कुंडा राजपति वर्मा ने ट्रेजरी अफसर से तीन बॉक्स व एक ब्रीफकेस में रखा हीरे जवाहरात प्राप्त किया। इसके बाद एडीएम सोमदत्त मौर्य, एएसपी पूर्वी राकेश कुमार सिंह, एसपीओ विपिन कुमार की मौजूदगी में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने सूची से सभी सामान का मिलान कराया।

मिलान होने के बाद दिन में साढ़े तीन बजे राजा उदय प्रताप सिंह ट्रेजरी ऑफिस पहुंचे और एसडीएम कुंडा से हीरे जवाहरात प्राप्त किया। इस दौरान सहकारी बैंक के अध्यक्ष डा. केएन ओझा, शहर कोतवाल आदित्य सिंह भी मौजूद थे।

Posted By: Amal Chowdhury

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस