प्रतापगढ़ : स्वॉट टीम और मानधाता पुलिस ने तीन शातिरों को गिरफ्तार करके अंतरराज्यीय एटीएम कार्ड हैकर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार शातिरों में एक ग्राम प्रधान है। शातिरों के कब्जे से पुलिस ने क्लोनिग मशीन, एटीएम कार्ड रीडर, रिवाल्वर, तमंचा आदि बरामद किया है। गिरोह के सरगना समेत सात शातिरों की पुलिस तलाश कर रही है।

जिले में काफी दिनों से एटीएम कार्ड बदलकर पैसा निकालने के मामले सामने आ रहे थे। ऐसे में पुलिस को एटीएम कार्ड हैकरों के गिरोह की तलाश थी। इस बीच स्वाट टीम प्रभारी अजय सिंह, मानधाता एसओ विपिन सिंह, दारोगा प्रमोद सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि एटीएम कार्ड हैकर गिरोह के तीन शातिर मानधाता की ओर से विश्वनाथगंज बाजार आने वाले हैं। इस पर पुलिस टीम शुक्रवार को दोपहर 12.20 बजे बुआपुर नहर पुलिया पर पहुंचकर शातिरों के आने का इंतजार करने लगी। पुलिस ने नजदीक आने पर बाइक सवार तीनों शातिरों को रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। इतने में पुलिस टीम ने घेरेबंदी करके तीनों शातिरों को पकड़ लिया। पकड़े गए बृजेश सिंह उर्फ चंचल सिंह पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह व कौशलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ छोटू सिंह पुत्र स्वर्गीय सत्येंद्र प्रताप सिंह निवासी लाखापुर और सहिजनपुर गांव के प्रधान प्रवीण कुमार सिंह पुत्र गिरजाशंकर सिंह के कब्जे से पुलिस ने लैपटॉप, एक एटीएम क्लोनिग मशीन, दो एटीएम कार्ड रीडर मशीन, सीडी, 10 एटीएम कार्ड, छह मोबाइल, एक रिवाल्वर, दो तमंचा, दो बाइक और साढ़े सात हजार रुपये बरामद किया। पकड़े गए शातिरों से पूछताछ में पुलिस को अंतरराज्यीय हैकरों के गिरोह के बारे में पता चला।

शुक्रवार को पुलिस लाइन के सई कांप्लेक्स में प्रेस कांफ्रेंस में एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि पकड़े गए शातिरों ने पूछताछ में कबूल किया है कि गिरोह का सरगना रणजीत सिंह पुत्र स्वर्गीय धर्मदास सिंह निवासी अकोढि़या है। गिरोह में इनके अलावा रवि पटेल पुत्र राजू पटेल, रणजीत सरोज उर्फ कल्बे पुत्र धर्मराज, कोटेदार विनोद निर्मल व दीपक सिंह पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह निवासी सहिजनपुर, धीरू सिंह उर्फ जितेंद्र निवासी करमचंदपुर जेठवारा, गजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ अन्नू निवासी अहिना भी शामिल हैं। यह गिरोह लगभग 10-12 साल से आसपास के जिलों के साथ ही मप्र में सक्रिय है। यह शातिर जालसाजी करके एटीएम से दूसरे के खाते से पैसा निकाल लेते हैं। कुछ दिन पहले चिलबिला में आइसीआइसीआइ बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये और पांच दिन पहले नैनी में स्टेट बैंक के एटीएम से 20 हजार रुपये निकाल लिए थे।

भोपाल में सीआरपीएफ के सिपाही के हड़पे 11.36 लाख रुपये : यह गिरोह तो पिछले 10-12 साल से जालसाजी करके दूसरे के खातों से पैसा निकाल रहा है, लेकिन इसकी तलाश में पुलिस ने तेजी तब पकड़ी, जब पता चला कि पिछले साल भोपाल में सीआरपीएफ के एक जवान के खाते से कई बार में 11.36 लाख रुपये इस गिरोह ने निकाल लिया। एमपी पुलिस ने यूपी के डीजीपी को गिरोह के बारे में जानकारी दी। आला अफसरों का फरमान आने के बाद पुलिस ने गिरोह की तलाश शुरू कर दी थी और आखिरकार शुक्रवार को कामयाबी मिल गई। उस घटना को प्रवीण, बृजेश, कौशलेंद्र के अलावा रणजीत सिंह, धीरू, सावन व दीपक ने अंजाम दिया था।

Posted By: Jagran

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