संवाद सूत्र, प्रतापगढ़ : दूसरे व्यक्ति को खड़ा कराकर जमीन को बंधक बनाकर लोन लेने के मामले में आइएएस के भाई ने अपने मामा व भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह और नेशनल अर्बन को-आपरेटिव बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।

शहर के सिविल लाइन स्थित सिटी पैलेस निवासी अक्षय सिंह पुत्र अमरेंद्र बहादुर सिंह के बड़े भाई अभय सिंह आइएएस अधिकारी हैं। अक्षय के अनुसार उनके और उनके भाई अभय सिंह संयुक्त नाम से रूपापुर व बड़नपुर में दो बिस्वा जमीन है। इसके अलावा अभय सिंह की रूपापुर में 17 बिस्वा और बेल्हा घाट में दो बिस्वा जमीन है। वह भाई और माता-पिता के साथ बाहर रहते थे। उनकी संपत्ति की देखभाल उनके सगे मामा रवि प्रताप सिंह पुत्र केपी सिंह निवासी सिविल लाइन करते थे। जमीन के बैनामे का कागज भी रवि सिंह के पास था। पहले उनके मामा रवि सिंह टायर की दुकान चलाते थे, जिस पर उन्होंने नेशनल अर्बन को-आपरेटिव बैंक से लोन लिया था।

अक्षय का कहना है कि कुछ दिन पूर्व वह परिवार के साथ यहां रहने आए तो जानकारी हुई कि उनके व भाई अभय सिंह (आइएएस) की जमीन टायर की दुकान की गारंटी के रूप में नेशनल अर्बन को-आपरेटिव बैंक में बंधक है। बैंक से पता करने पर पता चला कि 30 नवंबर 1988 को टायर की दुकान का सीसीएल खाता खुला था, उसी खाते में गारंटर के रूप में जमीन बंधक है। टायर के बैंक खाते में 1.62 करोड़ रुपये में बकाया है।

अक्षय का कहना है कि बैंक में बंधक पत्र को देखा गया तो जानकारी हुई कि 25 जून 2001 को जो रजिस्टर्ड बंधक पत्र तैयार किया गया था, उस पर उनके व भाई अभय की फोटो नहीं लगी थी। उनके व अभय सिंह के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा करके उसकी फोटो लगाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार करके मामा रवि सिंह ने ऋण लिया था। उनके जो भी पहचान पत्र लगाए गए हैं, वह सब जाली हैं। इस कूटरचना में नेशनल अर्बन को-आपरेटिव बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक कमलाकांत तिवारी का भी सहयोग था।

अक्षय की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह और बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक कमलाकांत तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। इस बारे में नगर कोतवाल सुरेंद्रनाथ ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सिटी पैलेस पर कब्जे को लेकर हुई थी मारपीट

संसू, प्रतापगढ़ : नगर कोतवाली क्षेत्र के पचखरा गांव के मूलत: निवासी अमरेंद्र बहादुर सिंह का अधिकांश समय बाहर ही बीता। यहां सिटी पैलेस का संचालन अमरेंद्र के साले रवि प्रताप सिंह करते थे। करीब तीन महीने पहले अमरेंद्र सिंह जब सिटी पैलेस में रहने लगे तो विवाद शुरू हो गया। एक दिन रेस्टोरेंट में अमरेंद्र सिंह और रवि सिंह में मारपीट हो गई थी। इस घटना की जानकारी होने पर पुलिस अफसर भागकर मौके पर पहुंचे थे। उस मामले में रवि प्रताप सिंह सहित अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस